Dailyhunt
Golu devta mandir: उत्तराखंड का अनोखा धाम, जहां न्याय के लिए लगती है अर्जी, नवविवाहित जोड़ों के लिए खास

Golu devta mandir: उत्तराखंड का अनोखा धाम, जहां न्याय के लिए लगती है अर्जी, नवविवाहित जोड़ों के लिए खास

In Khabar 3 days ago

Ghodakhal temple: उत्तराखंड का नाम आते ही नैनीताल की वादियां, झीलें और ठंडी हवाएं याद आ जाती हैं, लेकिन इसी खूबसूरत शहर के पास एक ऐसा मंदिर भी है, जो सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि आस्था और न्याय की अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है.

मान्यता है कि यहां आने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता और उसकी हर अर्जी सुनी जाती है.

नैनीताल से कुछ दूर है मंदिर

दिल्ली से करीब 300 से 320 किलोमीटर दूर स्थित नैनीताल गर्मियों की छुट्टियों का सबसे पसंदीदा हिल स्टेशन है. यहां आने वाले पर्यटक नैनी झील, नैना देवी मंदिर, मॉल रोड, स्नो व्यू पॉइंट, टिफिन टॉप, भीमताल, सातताल और कैंची धाम जैसी जगहों पर घूमते हैं. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा धार्मिक स्थल भी है, जो अपनी अलग पहचान रखता है. नैनीताल के पास भवाली से करीब 5 किलोमीटर दूर पहाड़ी की चोटी पर स्थित घोड़ाखाल मंदिर, जिसे गोलू देवता मंदिर भी कहा जाता है, श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है.

घंटियों से भरा अनोखा मंदिर

घोड़ाखाल मंदिर की सबसे बड़ी पहचान यहां बंधी हजारों घंटियां हैं. इसी वजह से इसे "घंटियों वाला मंदिर" भी कहा जाता है. मंदिर परिसर में हर तरफ घंटियां ही घंटियां नजर आती हैं, जो श्रद्धालुओं की पूरी हुई मनोकामनाओं का प्रतीक मानी जाती हैं. यहां आने वाले लोग अपनी इच्छा या समस्या को एक कागज पर लिखकर अर्जी के रूप में मंदिर में लगाते हैं. जब उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वे वापस आकर घंटी चढ़ाते हैं. यह परंपरा इस मंदिर को बाकी मंदिरों से अलग बनाती है.

गोलू देवता: न्याय के देवता की मान्यता

कुमाऊं क्षेत्र में गोलू देवता को न्याय का देवता माना जाता है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वे त्वरित न्याय देने वाले देवता हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना को जरूर सुनते हैं. लोग अपनी जिंदगी में न्याय पाने की आस लेकर यहां आते हैं और अर्जी लगाते हैं. कहा जाता है कि गोलू देवता के दरबार से कोई भी निराश होकर नहीं लौटता. यही वजह है कि उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से भी लोग यहां पहुंचते हैं.

विवाह फिल्म की हुई थी शूटिंग

इस मंदिर की खासियत सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका कनेक्शन बॉलीवुड से भी है. विवाह फिल्म के कुछ सीन इसी मंदिर में शूट किए गए थे. फिल्म में एक दृश्य में मंदिर में बंधी घंटियां दिखाई जाती हैं, जहां हीरो का सिर घंटी से टकरा जाता है. यह सीन घोड़ाखाल मंदिर परिसर का ही हिस्सा है, जिससे यह जगह और भी चर्चित हो गई. इस मंदिर से जुड़ी एक और खास मान्यता यह है कि नवविवाहित जोड़ा अगर यहां दर्शन करता है, तो उनका रिश्ता सात जन्मों तक मजबूत बना रहता है. कहा जाता है कि यहां आशीर्वाद लेने से वैवाहिक जीवन सुखी और समृद्ध होता है. यही कारण है कि कई लोग यहां शादी करने भी आते हैं और इसे अपने जीवन की शुभ शुरुआत मानते हैं.

आस्था के साथ प्रकृति का अनोखा संगम

घोड़ाखाल मंदिर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां से आसपास की वादियों का बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. यही वजह है कि यह स्थान सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बेहद खास बन जाता है. आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी परंपराओं का यह संगम हर साल हजारों पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: In Khabar