PM Modi on Global Fuel Crisis: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया को गुस्से में डाल दिया है. हर देश परेशान है. इस युद्ध ने 21वीं सदी का सबसे बड़ा एनर्जी संकट पैदा कर दिया है.
बड़े-बड़े देश इस समय फ्यूल की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन नए भारत की इच्छाशक्ति और कोशिशों ने इस सबसे बड़े संकट को दूर कर दिया है. भारत ने हर लेवल पर सही फैसले लिए.
उसने समय रहते संकट का अंदाजा लगाया और एक असरदार स्ट्रैटेजी बनाई. उसने भारत के रिसोर्स का बैलेंस्ड इस्तेमाल किया और भारत की डिप्लोमैटिक ताकत का पॉजिटिव इस्तेमाल किया. तभी भारत इस संकट से उबर पाया. जब कुछ ताकतें जनता में अफवाहें और डर फैलाने में लगी थीं, तब दिन-रात जो काम किया गया, और जिस तरह से हालात को संभाला गया, वह इतिहास में लिखा जाएगा.
पीएम मोदी ने संकट के बीच अफवाह फैलाने वालों पर भी साधा निशाना
PM मोदी ने संकट के बीच अफवाहें फैलाने वालों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गलत इरादे वाले कामयाब नहीं हुए. उन्होंने आगे कहा कि दूर-दराज के इलाकों में सप्लाई की कुछ दिक्कतें थीं, लेकिन कहीं भी कोई कमी नहीं होने दी गई. उन्होंने कहा कि अकेले अप्रैल से जून के बीच तेल कंपनियों को डीजल और पेट्रोल पर लगभग ₹75,000 करोड़ का नुकसान हुआ. इस रकम का इस्तेमाल नई रिफाइनरी बनाने में किया जा सकता था, लेकिन इस नुकसान को कवर करने की ज़िम्मेदारी सरकारी खजाने पर आ गई. हमने एक्साइज़ ड्यूटी भी ₹10 प्रति लीटर कम कर दी ताकि जनता पर ज़्यादा बोझ न पड़े.
‘संकट में भारत की डिप्लोमेसी दिखाई’- पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि युद्ध के इस समय में दूसरे देशों के साथ भारत की दोस्ती बहुत कीमती साबित हुई. संकट शुरू होने से पहले, भारत सिर्फ़ 25-26 देशों से फ्यूल इंपोर्ट करता था. लेकिन संकट के समय, भारत की डिप्लोमेसी बहुत कीमती साबित हुई. दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे रिश्ते बहुत कीमती साबित हुए. युद्ध के दौरान, भारत ने 40 से ज़्यादा देशों से फ्यूल इंपोर्ट करना शुरू कर दिया. भारत ने दुनिया को साफ मैसेज दिया कि देश का हित और उसके नागरिकों का हित सबसे ऊपर है. हमने ‘नागरिक देवो भव’ (नागरिक ही भगवान हैं) के मंत्र के साथ काम किया.
हम दिन-रात काम करते हैं- पीएम मोदी
PM मोदी ने कहा हमारी सरकार सिर्फ़ नींव के पत्थर नहीं रखती, हम दिन-रात काम करते हैं. मुझे बताया गया कि आज राजस्थान में 10-12 जगहों पर लाखों लोग इकट्ठा हुए. मैं स्क्रीन पर देख रहा था, और मुझे वहां लोग दिख रहे थे. मैं उन सभी को सलाम करता हूं.
उन्होंने कहा इस लड़ाई के हर इंच ने हमें आत्म-सम्मान को प्राथमिकता देना सिखाया है. एक देश और एक व्यक्ति का आत्म-सम्मान तभी बना रह सकता है जब वे आत्मनिर्भर हों, दूसरों पर कम से कम निर्भर हों. राजस्थान ने विकास और आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम उठाया है. आज का दिन इस बात का सबूत है कि BJP सरकारें सिर्फ प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास नहीं करतीं; वे उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात काम करती हैं.

