तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है. जिसमें एक्टर विजय थलापित की पार्टी टीवीके रूझानों में सबसे आगे चल रही है. इसने डीएमके को पीछे छोड़ दिया है. अभिनेता ने अपने करियर में कई जबरदस्त फिल्मों में काम किया.
वो मनोरंजन की दुनिया में काफी बड़ा नाम है. अब अभिनेता विजय थलापति एक्टिंग छोड़ राजनीति में एक्टिव हो चुके हैं. चलिए जानते हैं अभिनेता के बारे मे सबकुछ.
कौन हैं विजय थलापति?
एक्टर विजय का जन्म 22 जून 1974 को मद्रास , तमिलनाडु में जोसेफ विजय चंद्रशेखर के रूप में हुआ था. उनके पिता, एस.ए. चंद्रशेखर , एक फिल्म निर्देशक हैं और उनकी माता, शोभा चंद्रशेखर , एक प्लेबैक सिंगर हैं. उनके पिता ईसाई हैं और उनकी माता हिंदू हैं. अभिनेता विजय की एक बहन, विद्या थी, जिनकी दो साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी. अभिनेता ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा फातिमा स्कूल, कोडंबक्कम और बाद में बालालोक स्कूल, विरुगंबक्कम से की. उन्होंने लोयोला कॉलेज से विजुअल कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने का प्रयास किया , लेकिन अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी.
चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में शुरू किया करियर
विजय थलापति ने साल 1984 में अपने पिता द्वारा निर्देशित फिल्म ‘वेट्री’ में चाइल्ड आर्टिस्ट की भूमिका निभाई. भूमिका के साथ बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की. उन्होंने 1980 के दशक में एस.ए. चंद्रशेखर की फिल्मों में अभिनय करना जारी रखा, और व्यावसायिक रूप से असफल रही फिल्म ‘नालैया थीरपु’ में मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई, जिसका निर्देशन भी उनके पिता ने ही किया था. इसके बाद उन्होंने ‘रसिगन’ और ‘देवा’ जैसी फिल्मों में रोमांटिक मुख्य भूमिका के लिए चुना गया. उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब फिल्म ‘थिरुमलई’ में उन्होंने एक मैकेनिक की भूमिका निभाई, जो अपनी प्रेमिका के पिता द्वारा किराए पर लिए गए एक गैंगस्टर से लड़ता है. इस फिल्म की खूब चर्चा रही थी.
राजनीति करियर में रखा कदम
विजय थलापति दक्षिण भारतीय फिल्म जगत के उन गिने-चुने सितारों में से एक हैं जिन्हें उनके प्रशंसक बहुत प्यार करते हैं. रजनीकांत की फिल्मों की तरह, विजय की फिल्म रिलीज होने पर भी पूजा -अर्चना, विशेष स्क्रीनिंग और ढोल-नगाड़े व माला चढ़ाने जैसे उत्सव मनाए जाते हैं. एमजी रामचंद्रन और जयराम जयललिता जैसे कई फिल्मी दिग्गजों के बाद विजय ने भी राजनीतिक दुनिया में कदम ऱखने का फैसला किया, जिसके लिए उन्होंने एक्टिंग करियर को हमेशा के लिए छोड़ दिया. साल 2024 में एक्टर विजय ने आधिकारिक तौर पर अपने राजनीतिक करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाते हुए तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके- "तमिलकम की विजय पार्टी") नामक एक राजनीतिक दल का गठन किया. इसी पार्टी से 2026 में अभिनेता ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ा.
विवादों में भी रहे अभिनेता
राजनीति की दुनिया में कदम रखने के बाद अभिनेता विजय ने 2025 में रैलियों को संबोधित करना शुरू किया. एक रैली में भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इसके बाद एक्टर चर्चा में आ गए थे. उनकी रैलियों में भारी संख्या में भीड़ इकट्ठा होती है.
विजय को अपनी फिल्मों में ड्रग्स , सिगरेट और शराब के इस्तेमाल को दर्शाने और महिमामंडित करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनता के कुछ वर्गों से आलोचना का सामना करना पड़ा. लोगों ने आरोप लगाया कि वह इन सब चीजों को बढ़ावा देते हैं.
विजय को फिल्म ‘बीस्ट’ में इस्लामी किरदारों के चित्रण को लेकर मुस्लिम समुदाय के सदस्यों की आलोचना का सामना करना पड़ा. कुछ आलोचकों का तर्क था कि फिल्म में मुसलमानों को नकारात्मक रूप से चित्रित किया गया. कुछ ने फिल्म को बैन करने की मांग की थी. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने कथित तौर पर विजय के खिलाफ इफ्तार पार्टी के संबंध में फतवा भी जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि वहां ऐसे व्यक्ति मौजूद थे जो गैर-इस्लामी गतिविधियों में लिप्त थे, जैसे शराब का सेवन और जुआ.
कितनी है नेटवर्थ?
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले दाखिल किए गए अपने चुनावी हलफनामे के अनुसार, विजय ने लगभग 603.20 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है. इस वजह से वह भारत के सबसे धनी अभिनेता-राजनेताओं में शुमार हैं.

