बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अलीनगर विधानसभा क्षेत्र की बीजेपी विधायक मिश्रीलाल यादव के बेटे और स्थानीय राजनीति में सक्रिय चेहरों से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इस पूरे विवाद के केंद्र में एक मासूम बच्चे की जिंदगी और एक मां-बाप का दर्द है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाने पर यह तीखी बहस शुरू हुई.
(नोट: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाद अलीनगर विधायक मिश्रीलाल यादव के बेटे या उनसे जुड़े पक्षों और सामाजिक कार्यकर्ता के बीच का बताया जा रहा है, हालांकि वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती).
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला दरभंगा जिले के अलीनगर ब्लॉक के तहत आने वाले नदियामी पंचायत के लक्ष्मीपुर वार्ड का है. यहाँ बीते 26 जून से एक छोटा बच्चा लापता है. परेशान परिवार वाले लगातार पुलिस-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. पुलिस की इस सुस्ती से पूरे गांव के लोगों में भारी गुस्सा और आक्रोश है.
इसी बीच, इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता गौतम कुमार जहा ने पीड़ित परिवार की सुध लेते हुए एक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस वीडियो में उन्होंने स्थानीय नेताओं की चुप्पी और उनकी भूमिका पर सीधे सवाल खड़े कर दिए.
सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप
गौतम कुमार झा का आरोप है कि सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने के बाद उनके पास विधायक खेमे से फोन आया. आरोप के मुताबिक, फोन पर उन्हें न सिर्फ बुरी तरह हड़काया गया, बल्कि यह तक कह दिया गया कि ‘तुम अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में रहने के लायक नहीं हो.’ गौतम ने इस पूरी बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है.
ऑडियो में क्या बातचीत हुई? (कथित संवाद)
विधायक पक्ष: तुम अपने इलाके के लिए क्या कर रहे हो?
गौतम कुमार झा: और आप क्या कर रहे हैं?
विधायक पक्ष: अगर हिम्मत है तो मुझसे सीधे बात करो. आमने-सामने आओ और बात करो. जो कह रही हूँ, उसे रिकॉर्ड कर लो. अगर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करोगे, तो मैं जो करूँगा सो करूँगा, लेकिन भगवान तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा.
गौतम कुमार झा: आप क्या कह रहे हैं? मुझसे साफ-साफ बात कीजिए.
विधायक पक्ष: गौतम, समझो तुम क्या कर रहे हो. किसी की मदद करने के बजाय तुम सिर्फ अपनी फोटो खिंचवाने में व्यस्त हो.
गौतम: क्या आप जानते भी हैं कि वे लोग कौन हैं? मुझे बताइए, कौन हैं वे?
विधायक पक्ष: तुम पागल हो, मूर्ख हो, मुझे शर्म आती है कि तुम कभी मेरे घर आए थे. मैंने तुम्हें अपने घर में बिठाया था.
गौतम: क्या आपको पता भी है कि वो पीड़ित परिवार कौन है?
विधायक पक्ष: पागल, बिल्कुल मूर्ख हो तुम. तुम्हें अंदाजा भी है कि हम दिन-रात लोगों की सेवा में लगे रहते हैं, मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना, छुट्टी कराना, बेड की कमी को देखना? हम अपने क्षेत्र के लोगों के लिए दिन-भर दौड़ते हैं. और तुम्हारे जैसा आदमी सिर्फ एक अड़ियल गधा है.
गौतम: हे मैडम, अपनी भाषा संभालिए. जब आप कल आए थे, तो वहां रुके क्यों नहीं?
ग्रामीणों की मांग
इस गरमाए माहौल के बीच, गांव वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि नेताओं की इस आपसी लड़ाई को दरकिनार कर, सबसे पहले उस मासूम बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढ निकाला जाए. साथ ही, इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए ताकि सच सामने आ सके.

