Health & Care News: आजकल प्राय: आधुनिक समय में माता-पिता बच्चों को लेकर इतने अधिक सचेत हो गए हैं कि बच्चों की मानसिकता पर इसका सकारात्मक प्रभाव न होकर नकारात्मक प्रभाव अवश्य हो रहा है.
आधुनिकता और दिखावे के चक्कर में बच्चों का बचपन उनसे लगातार छीना जा रहा हैं. इसका सीधा प्रभाव बच्चों के शारीरिक विकास और मानसिक क्षमता पर पड़ रहा हैं.
"मासूम बच्चे की मीठी हंसी, जैसे धूल में खिली कोई कली.
मिट्टी से सने वो नन्हे हाथ, खुशियों का अनमोल है ये साथ"
मिट्टी की खूशबू से बेहतर कोई सुगंध नहीं है. इसिलिए मनुष्य का शरीर मिट्टी, अग्नि, जल, आकाश, वायु से मिलकर बना हैं. आधुनिक जमाने के माता-पिता की मानें तो मिट्टी के संपर्क में आने से बच्चों को कीटाणु, विषाणु, और बीमारियों से रूबरू होना पड़ सकता हैं. इस कारण बच्चों को बाहर खेलने नहीं दिया जाता. वो घर पर मोबाईल, टीवी, लूडो, शतरंज आदि खेलों का सहारा लेकर अपना बचपन काट देते हैं.
जिसके फलस्वरुप उनका शारीरिकऔर मानसिक विकास नहीं हो पाता. उन्हें शुद्ध ताजी हवा, मिट्टी की महक और उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों का आभास तक नहीं हो पाता. विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी में बच्चों के खेलने के कई प्रकार के फायदे हो सकते है. कुछ माता-पिता को यह थोड़ा अटपटा जरुर लग सकता है, लेकिन यह पूर्णतया सच हैं. आईये जानते हैं, अगर जरा सी सावधानी बरती जाए तो यह मिट्टी किस प्रकार बच्चों के लिए लाभदायक हैं-
मिट्टी को मां कहा जाता है
गौरतलब है, कि भारत में धरती को मां का दर्जा प्राप्त हैं और मां कैसे बच्चों का अहित कर सकती हैं. मिट्टी ही मोहब्बत है, यहीं ममता है, यहीं लाड़-प्यार है. यहीं अपनत्व हैं. इसलिए मिट्टी को मां का दर्जा दिया गया है.
इम्यूनिटी बढ़ती है (स्वच्छता परिकल्पना)
चिकित्सा विज्ञान इसे 'हाइजीन हाइपोथिसिस' (Hygiene Hypothesis) कहता है. इसका मतलब है कि जब बच्चे प्राकृतिक बैक्टीरिया और वायरस के संपर्क में आते हैं, तो उनका शरीर एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करता है.
मूड अच्छा होता है:
विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी में 'माइकोबैक्टीरियम वैकेई' (Mycobacterium vaccae) नामक एक प्राकृतिक बैक्टीरिया होता है. यह दिमाग में 'सेरोटोनिन' (Serotonin) नाम का हार्मोन बढ़ाता है, जिससे बच्चा खुश और तनावमुक्त रहता है.
सीखने की क्षमता बढ़ती है
मिट्टी के संपर्क में आने से बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास तेजी से होता है. वे प्रकृति से जुड़ते हैं और नई चीजें सीखते हैं.
सावधानी कब बरतें?
मिट्टी में खेलने देना अच्छा है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है:
सुनिश्चित करें कि बच्चा गंदे पानी या पालतू जानवरों के मल-मूत्र वाली जगह पर न जाए. बच्चों के नाखून छोटे रखें ताकि गंदगी पेट में न जाए. खेलने के बाद उनके हाथ-पैर साबुन से अच्छी तरह साफ करवाएं.
ध्यान रखें कि बच्चे की टीकाकरण (Vaccines) पूरी होनी चाहिए.
थोड़ी सी सावधानी बरत कर हम बच्चों का बचपन सुखद और बेहतर बना सकते है.

