NEET JEE Reform 2026: भारत की परीक्षा और एडमिशन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव पर विचार किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि NEET और JEE जैसे प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज देने का प्रस्ताव सामने आया है.
यह कदम मौजूदा सिस्टम में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.
इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य छात्रों पर एक ही परीक्षा के अत्यधिक दबाव को कम करना है. वर्तमान में मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश पूरी तरह से प्रवेश परीक्षा के स्कोर पर आधारित होता है, जबकि बोर्ड परीक्षा केवल क्वालिफाइंग मानदंड के रूप में देखी जाती है.
नई व्यवस्था का लक्ष्य यह है कि छात्रों की समग्र क्षमता का मूल्यांकन किया जाए, न कि केवल एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर उनका भविष्य तय हो.
कोचिंग निर्भरता और परीक्षा दबाव में कमी
सूत्रों के अनुसार, इस सुधार के पीछे एक बड़ा उद्देश्य कोचिंग सेंटरों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना भी है. लंबे समय से यह चिंता जताई जा रही है कि छात्र केवल परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे असमानता बढ़ रही है. प्रस्तावित बदलावों में यह भी शामिल है कि प्रवेश परीक्षा को स्कूल सिलेबस से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए, ताकि छात्र स्कूल शिक्षा को अधिक महत्व दें.
परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार की दिशा
रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय की नौ सदस्यीय समिति इस पूरे सुधार पैकेज पर काम कर रही है. इसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल हैं, जैसे कि छात्रों को परीक्षा कई बार देने का मौका देना और धीरे-धीरे अडैप्टिव ऑन-डिमांड कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली की ओर बढ़ना. इससे परीक्षा प्रणाली अधिक लचीली, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बन सकेगी.
मौजूदा प्रणाली में क्या है?
वर्तमान में NEET और JEE जैसी परीक्षाओं में प्रवेश केवल एंट्रेंस एग्जाम के स्कोर के आधार पर होता है. हालांकि, इन परीक्षाओं में बैठने के लिए बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम अंकों की शर्त पूरी करनी होती है. लेकिन अंतिम चयन में बोर्ड के अंक शामिल नहीं होते.
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह भारत की उच्च शिक्षा प्रवेश प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है. इससे न केवल छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम होगा, बल्कि शिक्षा प्रणाली को अधिक संतुलित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा. आने वाले हफ्तों में समिति की अंतिम रिपोर्ट इस दिशा को और स्पष्ट करेगी.

