Agra Bathroom Murder Case: उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया है. एक महिला पर अपने पति की हत्या करने और उसके शव को घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर दफनाने और करीब 45 दिनों तक गुमशुदगी का नाटक करने का आरोप है.
इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब मृतक की बेटी और भाई ने घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को लेकर कई अहम बातें बताईं.
मृतक की बेटी ने कहा कि हत्या से पहले उसके पिता सामान्य और खुश नजर आ रहे थे, बेटी ने जबकि परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे विवाद की भी जानकारी दी. पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस वारदात में महिला के अलावा कोई और भी शामिल था या नहीं.
रूबी और सुरेंद्र की दो बेटियां
रूबी और सुरेंद्र शादीशुदा थे और उनकी दो बेटियां थीं. आरोप है कि सुरेंद्र शराबी था और शराब पीकर रेगुलर अपनी पत्नी को पीटता था. सुरेंद्र की मां को पेंशन मिलती थी, जिससे परिवार का खर्चा चलता था. 26 मई को, सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने सिकंदरा पुलिस स्टेशन में सुरेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की.
मर्डर मिस्ट्री कैसे खुली?
गुरुवार को पुलिस जांच करने के लिए सुरेंद्र के घर गई लेकिन खाली हाथ लौट आई. हालांकि, उस रात रूबी ने अपनी सास को सच बता दिया. उसने कहा कि सुरेंद्र गायब नहीं है, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई है, फिर अनिल ने पुलिस को फोन करके घटना की सूचना दी. पुलिस घर लौटी और अपनी जांच शुरू की. फिर उन्होंने उसकी पत्नी को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की.
पुलिस पूछताछ के दौरान, आरोपी पत्नी रूबी ने बताया कि सुरेंद्र काम नहीं करता था और अक्सर शराब पीकर उसे पीटता था. 26 मई को उसके पति ने भी उसके साथ मारपीट की, जिससे तंग आकर पत्नी ने उसे मार डाला और फिर उसकी बॉडी को बाथरूम में खोदे गए गड्ढे में दबा दिया. आरोपी पत्नी के कहने पर पुलिस ने दोबारा गड्ढा खोदा और गड्ढे से सुरेंद्र का कंकाल बरामद किया.
मृतक सुरेंद्र की बेटी ने क्या बताया?
इस बीच, मृतक की बेटी अनु ने कहा, पापा बहुत खुश थे. वह हमारे साथ भजन सुनने जाते थे और दादी से बात करते थे. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी मां ऐसा कुछ कर सकती हैं. उसने यह भी बताया कि पापा और मां के बीच अक्सर झगड़े होते थे और पापा अक्सर कहते थे, मैं तुम्हें छोड़ रहा हूं… तुम देख लोगी, भीख मांगोगी.

