Maharashtra News: पुणे जिले के मंचर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली दूध बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस और अन्न सुरक्षा अधिकारियों ने संयुक्त छापेमारी कर 26 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 13 लोगों को गिरफ्तार किया है.
मौके से लगभग ₹2 लाख से अधिक का मिलावटी सामान और 1,385 किलो केमिकल युक्त सामग्री जब्त की गई है.
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पुलिस के साथ मिलकर नकली दूध के संगठित नेटवर्क पर राज्य की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 1.48 करोड़ रुपये का माल जब्त, 20 हजार लीटर संदिग्ध दूध नष्ट किया गया और 26 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
FDA की बड़ी कार्रवाई
FDA के अनुसार यह कार्रवाई पुणे, अहिल्यानगर, सोलापुर, जालना और ठाणे जिलों में गुप्त सूचना के आधार पर की गई. संयुक्त अभियान में लगभग 30 फूड सेफ्टी अधिकारी और 40 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे. FDA का कहना है कि कार्रवाई केवल नकली दूध जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क-रासायनिक पदार्थों के सप्लायर, दूध संग्रह केंद्र, चिलिंग सेंटर, प्रोसेसिंग यूनिट और वितरण व्यवस्था-को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की जा रही है.
अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान 54 नमूने एकत्र किए गए हैं. साथ ही 5 खाद्य लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिए गए हैं और 4 व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद करा दिए गए हैं. अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. और सभी पुलिस हिरासत में है. इन संगठित गिरोहों द्वारा यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा और अन्य खतरनाक रसायनों का उपयोग करके सिंथेटिक दूध बनाया जा रहा था.
प्रशासन ने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि दूध या किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट की जानकारी मिले तो तुरंत खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित करें. शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

