UP Board APAAR ID: उत्तर प्रदेश में 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए APAAR ID को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने स्कूलों को अहम निर्देश जारी किए हैं. बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे छात्रों को APAAR ID बनवाने में सहयोग करें और एडवांस रजिस्ट्रेशन व परीक्षा आवेदन से जुड़े रिकॉर्ड में इसकी जानकारी दर्ज करें.
हालांकि, छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि APAAR ID नहीं होने पर किसी छात्र का रजिस्ट्रेशन या बोर्ड परीक्षा आवेदन रोका नहीं जाएगा. यानी ID बनवाने पर जोर जरूर दिया गया है, लेकिन इसे फिलहाल आवेदन पूरा करने की अनिवार्य शर्त नहीं बनाया गया है.
9वीं और 11वीं के एडवांस रजिस्ट्रेशन पर फोकस
यह निर्देश उस समय आया है जब UP Board में कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है. वहीं कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा आवेदन भी भरे जा रहे हैं. बोर्ड ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से अपील की है कि वे छात्रों को APAAR ID के महत्व के बारे में बताएं और अधिक से अधिक विद्यार्थियों की ID तैयार कराने का प्रयास करें. बोर्ड का लक्ष्य है कि निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने से पहले छात्रों की APAAR ID संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज हो जाए.
क्या है APAAR ID और क्यों है जरूरी?
APAAR का पूरा नाम ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री है. यह छात्रों को दी जाने वाली 12 अंकों की एक स्थाई डिजिटल अकादमिक पहचान है. इसका उद्देश्य विद्यार्थी के शैक्षणिक सफर से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को एक डिजिटल पहचान से जोड़ना है. स्कूल बदलने, उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने या भविष्य में किसी शैक्षणिक दस्तावेज की जरूरत पड़ने पर यह डिजिटल पहचान काफी उपयोगी हो सकती है. इससे छात्र के अलग-अलग संस्थानों में पढ़ाई से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से संभालने में मदद मिलती है.
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DigiLocker से जुड़ेगा छात्रों का अकादमिक रिकॉर्ड
APAAR व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेजों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जा सकता है. इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. इन डिजिटल दस्तावेजों को DigiLocker के माध्यम से सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर एक्सेस करने की सुविधा मिल सकती है. इससे छात्रों को हर काम के लिए दस्तावेजों की भौतिक प्रतियां साथ रखने की परेशानी कम हो सकती है.
एडमिशन और स्कॉलरशिप में भी मिल सकती है मदद
डिजिटल अकादमिक रिकॉर्ड की व्यवस्था भविष्य में एडमिशन, स्कॉलरशिप और अन्य आधिकारिक प्रक्रियाओं में दस्तावेजों के इस्तेमाल को आसान बनाने में मदद कर सकती है. फिलहाल UP Board ने स्कूलों को APAAR ID बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि ID न होने के कारण कोई छात्र परीक्षा या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से वंचित नहीं होगा. छात्रों के लिए यह व्यवस्था डिजिटल शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

