Vaibhav Suryavanshi Debut: कुछ पाने की कोई उम्र नहीं होती. अगर जुनून, लगन और मेहनत सच्ची हो, तो चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, एक दिन आप अपनी मंज़िल तक ज़रूर पहुंचते हैं. इस बात को सच साबित किया है 15 साल के युवा सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी ने.
आखिरकार वो समय आ गया है जिसका इंतजार करोड़ों फैंस को था जी हां वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में डेब्यू करने का मौका मिला है. इसी के साथ वह भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले सबस कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं. इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के पास था. तो चलिए जानते हैं कि वैभव के इस कामयाबी के पीछे किसका हाथ हैं?
वैभव सूर्यवंशी के सफलता के पीछे किसका हाथ?
वैभव सूर्यवंशी के सफलता के पीछे जिस शख्स का हाथा है वो हैं उनके पिता. पिता ने वैभव को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपनी ज़मीन तक बेच दी. पिता संजीव सूर्यवंशी ने वैभव के लिए घर के पास क्रिकेट नेट बनवाया. उन्होंने कंक्रीट पिच के साथ टर्फ विकेट भी बनवाया ताकि उनका बेटा मैच जैसे हालात में प्रैक्टिस कर सके. वैभव के पास ज़्यादा सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन उन्होंने इसी ज़मीन पर घंटों मेहनत करके अपने खेल को बेहतर बनाया.
खुद भी क्रिकेटर बनना चाहते थे पिता
इतना ही नहीं, वैभव के पिता संजीव खुद भी क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उस समय बिहार को BCCI से मान्यता नहीं मिलने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया. अपने मुश्किल दिनों में संजीव मुंबई चले गए, जहाँ उन्होंने एक शिपिंग यार्ड में काम किया. उन्होंने पोर्ट पर काम किया और कभी-कभी एक नाइट क्लब में बाउंसर का काम किया, लेकिन फिर सब कुछ छोड़कर घर लौट आए और परिवार की ज्वेलरी की दुकान संभालने लगे. उन्होंने अपने बेटे के क्रिकेट करियर को सपोर्ट करने के लिए अपनी पुश्तैनी ज़मीन का एक हिस्सा भी बेच दिया, जिसमें ट्रेनिंग, क्रिकेट किट और ट्रैवल का खर्च शामिल था.

