Suryakumar Yadav Reaction: भारतीय स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कप्तानी में भारत ने साल 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जीता था. इस विश्व कप के बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा दिया और उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया.
इसको लेकर क्रिकेट जगत में बवाल मच गया था कि आखिर विश्व कप जिताने वाले कप्तान को क्यों हटाया गया? जाहिर सी बात है कि टीम से बाहर किए जाने पर सूर्यकुमार यादव के मन में भी ये सवाल आया होगा कि आखिर उन्हें क्यों बाहर किया गया? हालांकि उन्हें टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स के फैसले के सम्मान किया. सूर्या ने फैंस के सामने इस पर कोई रिएक्शन नहीं दिया, लेकिन अब इस पर बात की है. आकाश चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में सूर्या ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर उनका क्या रिएक्शन था.
सूर्यकुमार यादव का छलका दर्द
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने सूर्यकुमार यादव के साथ इंटरव्यू किया, जिसमें उन्होंने कप्तानी और टीम से ड्रॉप किए जाने पर सवाल किए. इस पर सूर्या ने कहा कि वे खुद भी हैरान थे. उन्होंने कहा कि जब उनके बिना टीम चुनी गई, तो वे मुस्कुरा रहे थे. सूर्या ने कहा, ‘जब मैंने टीम के साथ एक या दो साल क्रिकेट खेला, और जब भी मैं खेल रहा हूं, तो जब भी मैं ऐसे हालात में रहा हूं जहां प्रेशर हो, जहां चीजें मेरे हिसाब से न हों, मैं हमेशा मुस्कुराया हूं. मैंने रिलैक्स किया है. और यही मैंने देखा है. पहले के वो पल जब मुझे अच्छा करने के मौके मिले हैं. मैं शुक्रगुजार रहा हूं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘जाहिर है, अब जो हालात आए हैं, मैंने भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा. 2026 में आने के बाद, मुझे लगा कि आगे चलकर, मैं इस टीम को और 2 साल आगे ले जाऊंगा. ओलंपिक्स आएंगे. इसके बाद फिर एक और T20 वर्ल्ड कप होगा, आगे एक और चैलेंज होगा. लेकिन साथ ही, आप क्या सोचते हैं और दूसरा इंसान क्या सोचता है, ये दो अलग-अलग बातें हैं. उनकी सोच का भी सम्मान करना जरूरी है, मुझे भी अपनी सोच के साथ चलना जरूरी है. अगर उन्होंने सोचा कि बदलाव करना एक अच्छा कॉल है तो यह उनकी सोच थी. लेकिन मैंने उस समय कोई रिएक्ट नहीं किया.’
श्रेयस को कप्तानी मिलने पर क्या बोले सूर्या?
सूर्यकुमार यादव ने श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी दिए जाने पर भी बात. उन्होंने कहा, ‘मैंने वह टीम देखी है जिसे उन्होंने चुना है. मैंने श्रेयस के साथ भी काफी क्रिकेट खेला है. और मुझे पता है कि वह एक अच्छा खिलाड़ी, एक अच्छा इंसान और एक अच्छा कप्तान भी है. इसलिए, मुझे ऐसा नहीं लगा कि उन्होंने उसे (श्रेयस अय्यर) कप्तान क्यों बनाया?’
सूर्या ने माना कि सिलेक्टर्स के इस फैसले से थोड़े निराश थे, क्योंकि उनकी कप्तानी में भारत ने 2 साल में एक सीरीज नहीं हारी. इसके अलावा वर्ल्ड कप जीता और एशिया कप भी जीता. सूर्या का कहना है कि ऐसे में जब सबकुछ ठीक चल रहा था, तो बदलाव का क्या कारण है? यह सवाल उनके दिमाग में चल रहा था. सूर्या ने कहा कि वह डेढ़ महीने तक घर पर बैठे रहे. इस दौरान उनके परिवार के लोगों और करीबियों ने उन्हें समझाया कि यह सब जिंदगी का हिस्सा है.
‘जब जरूरत हो, बुला लो’
पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने (सिलेक्टर्स) मुझे टीम के एलान के 2-3 पहले बता दिया था. सूर्या ने कहा, ‘जिसने भी यह कॉल लिया होगा वह टीम की बेहतर समझकर लिया होगा. आपने कॉल ले लिया.. मुझे बता दिया. मैंने उस समय कोई रिएक्ट नहीं किया. लेकिन हां दिल जरूर टूटा था. बंदा रेडी है. जब आपको कभी भी लगेगा कि मैं टीम के लिए योगदान दे सकता हूं, तो मैं रेडी हूं, जब भी आपको लगेगा कि मेरी जरूरत है आप मुझे बुला सकते हैं. मैं अभी भी क्रिकेट खेल रहा हूं.’

