Vat Savitri Vrat 2026 Date: सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व होता है. इसी क्रम में वट सावित्री व्रत रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 16 मई को ज्येष्ठ अमावस्या पर वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा.
इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष (बरगद) की पूजा करती हैं. धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन व्रत-पूजन करने से सौभाग्य, सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है. ज्योतिषाचार्य की मानें तो, इस साल वट सावित्री व्रत के दिन 5 शुभ संयोग बनने से यह और अधिक फलदायी हो जाता है. इस दिन विधि-विधान और मंत्रों का जाप किया जाए तो इसका और भी अधिक शुभ फल मिलता है. अब सवाल है कि आखिर, वट सावित्री व्रत कब है? वट सावित्री व्रत में पूजा का मुहूर्त क्या है? इस बारे में बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
कब और किन शुभ संयोग में वट सावित्री व्रत 2026
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि, वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाते हैं. ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई शनिवार को है, इसलिए वट सावित्री व्रत 16 मई को रखा जाएगा. आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत पर बनने वाले 5 शुभ संयोग के बारे में. इस दिन महिलाएं पूरे भक्ति-भाव से व्रत रखती हैं.
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पूजा के लिए 2 घंटे से कम समय, बीच राहुकाल
वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए सुबह में 1 घंटा 42 मिनट का मुहूर्त है, उसके बाद फिर दोपहर में ही मौका मिलेगा क्योंकि बीच में राहुकाल आ रहा है. सुबह में बनने वाला सौभाग्य योग विवाहित महिलाओं के सुखी दांपत्य जीवन के लिए शुभ है. सुबह जब आप वट सावित्री व्रत की पूजा करेंगी, तो आपको सौभाग्य योग भी प्राप्त होगा.
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वट सावित्री व्रत 2026 के शुभ मुहूर्त
वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए सुबह में 1 घंटा 42 मिनट का मुहूर्त है. व्रती महिलाएं शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 07:12 ए एम से 08:54 ए एम के बीच पूजा करें. उस समय उपको सौभाग्य योग भी प्राप्त होगा. फिर 08:54 ए एम के से राहुकाल लगेगा, जो 10:36 ए एम तक रहेगा. फिर शोभन प्रारंभ हो जाएगा. इस योग में भी आप पूजा कर सकती हैं. चर-सामान्य मुहूर्त दोपहर 12:18 पी एम से 02:00 पी एम तक है. उसके बाद लाभ-उन्नति मुहूर्त दोपहर 02:00 पी एम से लेकर दोपहर 03:42 पी एम तक है, फिर अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 03:42 पी एम से लेकर शाम 05:23 पी एम तक रहेगा.

