शादी की भागदौड़ और तैयारियों के बीच वीज़ा के लिए कतारों में लगना या हफ़्तों इंतज़ार करना किसी भी कपल का मूड खराब कर सकता है। अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ किसी विदेशी सरज़मीं पर रोमांटिक पल बिताना चाहते हैं, तो मॉरीशस, फिजी, मालदीव और थाईलैंड आपके लिए परफेक्ट हैं।
यहाँ के खूबसूरत बीचेस, लग्जरी रिसॉर्ट्स और शानदार नज़ारे आपके हनीमून को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे, वो भी बिना किसी वीज़ा के तनाव के!
कई देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अपने दरवाज़े पूरी तरह खोल दिए हैं. आप सिर्फ अपना पासपोर्ट और फ्लाइट टिकट लेकर इन जगहों की सैर पर निकल सकते हैं. हाँ, हर देश में बिना वीज़ा रुकने की एक तय समय-सीमा जरूर होती है. तो चलिए जानते हैं कि आप किन देशों में बिना वीज़ा के जा सकते हैं, वहाँ कितने दिन रुकने की इजाज़त है और इससे जुड़े नियम क्या हैं.
इन देशों में वीजा फ्री प्रवेश
शुरुआत भारत के उन पड़ोसी देशों से करते हैं, जहाँ के नियम भारतीयों के लिए बेहद आसान हैं. नेपाल और भूटान दो ऐसे देश हैं जहाँ जाने के लिए भारतीयों को पासपोर्ट की भी जरूरत नहीं पड़ती; आप किसी भी वैध सरकारी पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी कार्ड) के जरिए एंट्री पा सकते हैं. नेपाल में भारतीयों के रहने की कोई तय समय-सीमा नहीं है. आप जब तक चाहें वहाँ रह सकते हैं और काम भी कर सकते हैं. इसी तरह, भूटान में भी भारतीयों को वीज़ा-फ्री एंट्री मिलती है, हालांकि वहाँ पर्यावरण संरक्षण के लिए एक छोटा सा दैनिक शुल्क (सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस) देना होता है.
पड़ोसियों से इतर बात करें तो श्रीलंका, मालदीव और हाल के दिनों में थाईलैंड और मकाऊ ने भारतीय पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन वीज़ा-फ्री या ‘वीज़ा ऑन अराइवल’ की सुविधा दी है. इन जगहों पर आप बिना किसी एडवांस वीज़ा के 15 से 30 दिनों तक छुट्टियों का मज़ा ले सकते हैं.
एशिया से बाहर की खूबसूरत दुनिया
अगर आप एशिया से बाहर निकलकर कुछ अलग और अनोखी जगहों को देखना चाहते हैं, तो मॉरीशस और फिजी जैसे द्वीप देश भारतीयों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं. मॉरीशस अपनी खूबसूरत समुद्र तटों और नीले पानी के लिए दुनिया भर में मशहूर है; यहाँ भारतीय पासपोर्ट धारक बिना किसी एडवांस वीज़ा के 90 दिनों (लगभग तीन महीने) तक रह सकते हैं.
इसी तरह, प्रशांत महासागर में बसा खूबसूरत देश फिजी भारतीय नागरिकों को पूरे 4 महीने (120 दिन) तक बिना वीज़ा के रहने की अनुमति देता है. इसके अलावा, कैरिबियाई देश जैसे जमैका, बारबाडोस और डोमिनिका भी भारतीयों को 30 से 90 दिनों तक बिना वीज़ा के अपनी खूबसूरती निहारने का मौका देते हैं. इन देशों की यात्रा के लिए आपको एयरपोर्ट पर उतरते ही बस अपने ठहरने का सबूत (होटल बुकिंग) और वापसी का टिकट दिखाना होगा.
यूरोप और खाड़ी देश
जब बात यूरोप और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की आती है, तो यहाँ भी भारतीयों के लिए बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. उदाहरण के लिए, खाड़ी देश कतर भारतीय नागरिकों को 30 दिनों के लिए वीज़ा-फ्री एंट्री देता है. वहीं, यूरोप के प्रवेश द्वार पर बसे कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देशों ने हाल के वर्षों में भारतीयों के लिए अपनी वीज़ा नीतियों में काफी ढील दी है, जिससे यहाँ 14 से 30 दिनों तक बिना वीज़ा के घूमा जा सकता है.
इसके साथ ही, केन्या, तंजानिया और सेशल्स जैसे अफ्रीकी देश भारतीय पर्यटकों को या तो पूरी तरह से वीज़ा-मुक्त एंट्री देते हैं या एयरपोर्ट पर ही ‘वीज़ा-ऑन-अराइवल’ की सुविधा मुहैया कराते हैं, जो आमतौर पर 30 से 90 दिनों के लिए वैध होती है.

