Dailyhunt
किसानों के हाथ लगी निराशा, हाई कोर्ट ने दी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को मंजूरी

किसानों के हाथ लगी निराशा, हाई कोर्ट ने दी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को मंजूरी

India Daily 2 weeks ago

त्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को राहत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार की कानूनी अड़चनों को दूर किया है. कोर्ट ने 1,858 हेक्टेयर ज़मीन के अधिग्रहण को सही ठहराते हुए किसानों की आपत्तियों को खारिज कर दिया है.

यह फैसला जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस कुणाल रवि सिंह की बेंच ने सुनाया. इस बड़े फैसले के बाद दूसरे चरण के विकास का रास्ता साफ हो गया है.

सार्वजनिक महत्व

28 अप्रैल को दिए गए अपने स्पष्ट आदेश में हाई कोर्ट ने जेवर एयरपोर्ट परियोजना के व्यापक महत्व और फायदों पर विशेष रूप से जोर दिया. अदालत का मानना है कि इस बड़े प्रोजेक्ट से भारी संख्या में रोजगार पैदा होंगे, आर्थिक विकास को तेज गति मिलेगी और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा. इस अधिग्रहण के पीछे का मुख्य सार्वजनिक उद्देश्य पूरी तरह से निर्विवाद है. अधिग्रहित जमीन का उपयोग जरूरी विमानन ढांचा तैयार करने के लिए किया जाएगा, जिसमें रनवे और कार्गो हब शामिल हैं.

किसानों की दलीलें

याचिकाकर्ताओं ने मुख्य रूप से यह तर्क दिया था कि वे कृषि भूमि के अधिग्रहण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन आवासीय आबादी वाले क्षेत्रों को अधिग्रहण में शामिल करना गैर-कानूनी है. किसानों ने पूरी सहमति प्रक्रिया में भारी खामियों का गंभीर आरोप भी लगाया था. हाई कोर्ट की बेंच ने सहमति से जुड़े इस बड़े दावे को खारिज कर दिया. अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों में से 73.02 प्रतिशत लोगों ने अपनी मंजूरी दे दी थी, जो अनिवार्य 70 प्रतिशत की सीमा से अधिक है.

सामाजिक प्रभाव

अदालत ने सामाजिक प्रभाव आकलन प्रक्रिया को लेकर उठाई गई किसानों की सभी प्रमुख चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया. एसआईए की प्रारंभिक अधिसूचना 30 जून 2023 को जारी की गई थी, जिसके बाद उसी साल दिसंबर में जन सुनवाई आयोजित की गई थी. विशेषज्ञ समूह ने 9 फरवरी 2024 को अपनी विस्तृत रिपोर्ट मंज़ूर की और राज्य सरकार ने 8 जनवरी 2025 को अपनी अंतिम मुहर लगा दी. अदालत ने यह माना कि आपत्तियों पर उचित रूप से विचार किया गया और एक तर्कसंगत आदेश के ज़रिए उन्हें खारिज कर दिया गया.

किसानों को उचित मुआवजा

अदालत ने विस्थापित परिवारों की भलाई के लिए तैयार किए गए बेहतरीन पुनर्वास और पुनर्स्थापन ढांचे की भी खूब सराहना की. इस योजना के तहत प्रभावित लोगों को विकसित आवासीय भूखंड, पांच लाख रुपये की एकमुश्त राशि और कमजोर समूहों के लिए विशेष अतिरिक्त प्रावधान दिए जा रहे हैं. किसानों को दी जाने वाली मुआवजे की दरें 4,772 रुपये से लेकर 4,778 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक तय की गई हैं.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: India Daily