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सीएम योगी के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों की मांगें मंजूर, बढ़ेगी सैलरी; काम पर लौटे कर्मी

सीएम योगी के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारियों की मांगें मंजूर, बढ़ेगी सैलरी; काम पर लौटे कर्मी

India Daily 1 week ago

खनऊ: उत्तर प्रदेश में जनता की समस्याओं को सुनने वाली महत्वपूर्ण कड़ी यानी सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है. पिछले कुछ दिनों से वेतन विसंगतियों और कार्यस्थल की खराब स्थितियों को लेकर कर्मचारी आंदोलनरत थे.

मामला बिगड़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस प्रकरण में हस्तक्षेप किया. उनके सख्त रुख के बाद एजेंसी ने कर्मचारियों की मांगें स्वीकार कर ली हैं. अब सभी कर्मचारी नई ऊर्जा और बढ़े हुए वेतन के साथ अपने कर्तव्य पर वापस लौट चुके हैं.

वी-विन प्राइवेट लिमिटेड के तहत कार्यरत करीब 200 कर्मचारियों ने वेतन न मिलने और काम के दौरान मोबाइल फोन जमा कराने जैसे सख्त नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया था. कर्मचारियों का आरोप था कि उन्हें वादे के अनुसार 15 हजार रुपये मासिक वेतन नहीं मिल रहा था. इसके अलावा. ड्यूटी के समय परिवार से संपर्क न कर पाना उनके लिए बड़ी मानसिक चुनौती बन गया था. इसी आक्रोश ने कर्मचारियों को सड़क पर उतरने और कार्य बहिष्कार करने पर मजबूर कर दिया.

प्रशासनिक कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए यूपीडेस्को (UPDESCO) की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने तत्काल एक्शन लिया. उन्होंने संचालन करने वाली कंपनी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर जवाब तलब किया. विभाग ने पाया कि कंपनी ने टेंडर तो अधिक राशि पर लिया था. लेकिन कर्मचारियों को उसका उचित लाभ नहीं मिल रहा था. इस प्रशासनिक दबाव और मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों ने कंपनी प्रबंधन को झुकने और संवाद की मेज पर आने के लिए विवश कर दिया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधा हस्तक्षेप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे विवाद का संज्ञान लेते हुए साफ कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने यूपीडेस्को को निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए. मुख्यमंत्री का मानना था कि हेल्पलाइन का काम जनता की सेवा करना है और यदि सेवा प्रदाता ही असंतुष्ट रहेंगे. तो व्यवस्था चरमरा सकती है. उनके दखल के बाद ही यूपीडेस्को और कंपनी प्रबंधन के बीच सार्थक वार्ता शुरू हुई.

वेतन वृद्धि और सुविधाओं पर बनी सहमति

लंबी चर्चा के बाद कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन में तीन से चार हजार रुपये तक की बढ़ोतरी करने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का वादा किया गया है. नेहा जैन ने पुष्टि की कि कर्मचारियों का बकाया वेतन और बढ़ी हुई राशि जल्द ही उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी. इन समझौतों के बाद हेल्पलाइन के 1020 कर्मचारियों ने अपनी तीनों शिफ्टों में काम दोबारा शुरू कर दिया है.

भविष्य के लिए व्यवस्था की मजबूती

हेल्पलाइन 1076 अब अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही है. जिसमें सुबह. दोपहर और रात की शिफ्ट में कर्मचारी मुस्तैद हैं. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी स्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों. प्रवासियों और स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़ी इस हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु नियमित निगरानी की जाएगी. मुख्यमंत्री के इस त्वरित फैसले ने न केवल कर्मचारियों को राहत दी है. बल्कि सरकारी व्यवस्था के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ किया है.

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