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इस एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे शुभ योग, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व?

India News 1 week ago

Jyeshtha Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में हर दिन का अपना महत्व होता है. हालांकि कुछ दिन धर्म, पूजा और अनुष्ठानों के लिए बेहद खास मानी जाती हैं. इसी तरह संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी होता है, जो भगवान गणेश को समर्पित होता है.

इस दिन भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और रात में चांद देखकर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है. कहा जाता है कि इस व्रत को करने से जीवन के संकटों से मुक्ति मिलती है. साथ ही सुख-समृद्धि मिलती है. इस बार एकदंत संकष्टी चतुर्थी 5 मई को पड़ रही है. इस बार एकदंत संकष्टी चतुर्थी को दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. इसके कारण इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है.

संकष्टी चतुर्थी 2026 तिथि

संकष्टी चतुर्थी तिथि की शुरुआत 05 मई सुबह 05:24 बजे से 06 मई सुबह 07:51 बजे तक रहेगी. वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार संकष्टी चतुर्थी पर शिव योग पूरे दिन बन रहा है. इस बार दोपहर में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 तक रहेगा. इस दौरान भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है.

बन रहे दो शुभ योग

वैदिक पंचांग के अनुसार, 5 मई को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के मौके पर दो शुभ योग बन रहे हैं. सुबह से लेकर 6 मई की सुबह 12:17 बजे तक शिव योग रहेगा. इसके बाद सिद्ध योग बनेगा.

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क्या है एकदंत संकष्टी चतुर्थी का महत्व?

जानकारी के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के एकदंत स्वरूप की पूजा की जाती है. इससे विशेष फल मिलता है. बता दें कि हिंदू धर्म में भगवान गणेश को संकट मोचन माना जाता है. वे जिंदगी की सभी बाधाएं दूर करते हैं. कहा जाता है कि एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से आर्थिक संकट और कष्ट दूर होता है. साथ ही मानसिक तनाव भी दूर होता है.

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