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Navratri 2026: 9 दिन का व्रत पूरा होने के बाद कब और कैसे करें पारण? जानें सही समय, नियम और पूरी विधि

India News 1 month ago

Chaitra Navratri 2026 Vrat Parana Date: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना और व्रत रखने के बाद भक्त पारण यानी व्रत खोलने की तैयारी करते हैं.

हिंदू परंपरा में व्रत का पारण उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है जितना व्रत रखना, क्योंकि सही समय और विधि से पारण करने पर ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

चैत्र नवरात्रिका आज नौंवा दिन है, आज के दिन हर किसी के मन में यही सवाल होता है कि आखिर व्रत कब और कैसे खोला जाए. आइए विस्तार से जानते हैं पारण की सही तिथि, शुभ समय और उससे जुड़े जरूरी नियम.

नवरात्रि व्रत पारण कब करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के व्रत का समापन नवमी या दशमी तिथि पर किया जाता है. कई बार तिथियों के संयोग के कारण नवमी के दिन ही दशमी लग जाती है, ऐसे में उसी दिन पारण करना उचित माना जाता है.हालांकि, शास्त्रों में दशमी तिथि को व्रत पारण के लिए अधिक शुभ बताया गया है. ऐसे में जो भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत रखते हैं, वे इस वर्ष 28 मार्च 2026 को व्रत का पारण कर सकते हैं.

व्रत पारण का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि सुबह लगभग 08 बजकर 45 मिनट तक रहेगी. इसलिए इस समय के भीतर पारण करना सबसे उत्तम माना जाएगा. इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, इसलिए समय का ध्यान रखना जरूरी है.

कैसे करें व्रत का पारण?

व्रत खोलने की प्रक्रिया भी विधि-विधान के साथ की जाती है. सही तरीके से पारण करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • घर के मंदिर में मां दुर्गा की विधिवत पूजा और आरती करें.
  • पूजा के दौरान अनजाने में हुई गलतियों के लिए माता से क्षमा प्रार्थना करें.
  • माता को भोग अर्पित करने के बाद ही व्रत खोलें.
  • पारण की शुरुआत गंगाजल या तुलसी जल ग्रहण करके करें.
  • इसके बाद सात्विक भोजन जैसे फलाहार या हल्का भोजन लें.

पारण से जुड़े खास नियम

  • बिना मां दुर्गा को भोग लगाए व्रत नहीं खोलना चाहिए.
  • अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन अवश्य करना चाहिए, तभी व्रत पूर्ण माना जाता है.
  • पारण के दिन तामसिक भोजन से बचें और सात्विक आहार ही ग्रहण करें.
  • पूजा के बाद ही अन्न ग्रहण करें, इससे व्रत का पूरा फल मिलता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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