Price Hike from 1st May 2026: साल 2026 का नया महीना शुरू होने वाला है. मई 2026 की पहली ही तारीख को कई चीजों पर दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में बताया जा रहा है कि LPG सिलेंडर से लेकर किराने के सामान तक और पेट्रोल डीजल से लेकर ट्रांसपोर्ट तक हर किसी पर दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
चलिए जान लेते हैं किन-किन चीजों पर दाम बढ़ सकते हैं?
LPG की कीमतों में बदलाव
अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का असर भारत में ईंधन की कीमतों पर भी पड़ा है. तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पिछले महीने पूरे देश में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी. कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों पर इसका असर ज़्यादा पड़ा. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में एक महीने के अंदर तीन बार बढ़ोतरी हुई है. 7 मार्च को 114.5 रुपये की बढ़ोतरी के बाद, अप्रैल 2026 में मेट्रो शहरों में कीमतें 196 रुपये बढ़ गईं. इससे पहले मार्च में भी 28-31 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी.
पेट्रोल डीजल पर बढ़ेंगे दाम?
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें 29 अप्रैल को चल रहे विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद बढ़ सकती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की मौजूदा कीमत (लगभग $120 प्रति बैरल) पर, वैश्विक तेल लागत और घरेलू खुदरा कीमतों के बीच का अंतर काफी बढ़ गया है, जिससे रिफाइनरों और सरकार के लिए कीमतों को ज़्यादा समय तक स्थिर रखना मुश्किल हो गया है. हालाँकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
कार के बढ़ेंगे दाम
अगर आप अगले महीने हुंडई की नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बुरी खबर है. कंपनी ने 1 मई 2026 से अपनी सभी गाड़ियों के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है. हुंडई अपनी कारों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने जा रही है और यह बढोतरी सभी सेगमेंट की कारों पर लागू होगी. इसका मतलब है कि अगले महीने से i10 से लेकर क्रेटा तक, हुंडई की सभी गाड़ियां महंगी होने वाली हैं. अब इन्हें खरीदने के लिए लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. आइए आपको बताते हैं कि यह बढोतरी क्यों की गई है और गाड़ियां कितनी महंगी होने वाली हैं.
किराने के सामान के दाम बढ़ेंगे?
1 मई से किराने के सामान के दामों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है. रोजमर्रा की चीजें जैसे आटा, दाल, चावल, तेल और सब्जियों की कीमतें पहले से ही कुछ जगहों पर बढ़ रही हैं, और अगर 1 मई से नए रेट लागू होते हैं तो महंगाई और बढ़ सकती है. इससे घर का बजट बिगड़ सकता है और लोगों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है. खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति मुश्किल पैदा कर सकती है. सरकार और संबंधित विभागों से उम्मीद की जा रही है कि वे कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
डेयरी उत्पादों के दाम
1 मई से दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ने की संभावना है, जिससे आम लोगों के घर का बजट प्रभावित हो सकता है. दही, पनीर, मक्खन और घी जैसी जरूरी चीजें पहले से ही महंगी मिलती हैं, और अब इनके दाम और बढ़ सकते हैं. कंपनियों का कहना है कि पशु चारा, ट्रांसपोर्ट और उत्पादन की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में यह बढ़ोतरी करनी पड़ रही है. इस वजह से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. कई लोग पहले से ही महंगाई से परेशान हैं, ऐसे में यह बढ़ोतरी उनके लिए और मुश्किलें पैदा कर सकती है.
