भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए डीआरडीओ अग्नि-6 मिसाइल के विकास के लिए तैयार है और अब केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अग्नि-6 एक उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) होगी, जो मौजूदा अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों की तुलना में अधिक दूरी और बेहतर तकनीकी क्षमता से लैस होगी।
यह भारत की सामरिक ताकत को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
अग्नि-6 के बारे में माना जा रहा है कि इसकी मारक क्षमता पहले की मिसाइलों से काफी ज्यादा होगी और यह अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी। इसमें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) जैसी तकनीक शामिल हो सकती है, जिससे एक ही मिसाइल कई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिसाइल के शामिल होने से भारत की रक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत होगी, खासकर वैश्विक रणनीतिक संतुलन के संदर्भ में।
हालांकि, इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति आवश्यक है। मंजूरी मिलने के बाद डीआरडीओ इसके विकास और परीक्षण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करेगा।
भारत पहले ही अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक की मिसाइलों का सफल परीक्षण कर चुका है, जो देश की रक्षा तैयारियों का अहम हिस्सा हैं। अग्नि-6 इस श्रृंखला का अगला और सबसे उन्नत संस्करण माना जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सामरिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

