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अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का निधन, 39वें जन्मदिन से एक दिन पहले ली अंतिम सांस

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का निधन, 39वें जन्मदिन से एक दिन पहले ली अंतिम सांस

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार, 7 जुलाई को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे और अपने 39वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले दुनिया को अलविदा कह गए।

उनका जन्मदिन 8 जुलाई को था।

शापूर जादरान पिछले कुछ महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। वह हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (एचएलएच) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक से काम करना बंद कर देती है। शापूर के छोटे भाई घमई जादरान ने उनके निधन की पुष्टि की। वह इलाज के दौरान दिल्ली में उनके साथ रह रहे थे।

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने शापूर जादरान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि शापूर अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती दौर के उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने देश में क्रिकेट की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एसीबी ने कहा कि 6 फीट 2 इंच लंबे तेज गेंदबाज शापूर जादरान ने अपने समर्पण, जुनून और प्रतिबद्धता से अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में योगदान दिया। बोर्ड ने कहा कि मैदान पर उनके प्रदर्शन के अलावा उनका संघर्ष और खेल के प्रति प्रेम युवा अफगान क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा।

शापूर जादरान ने अफगानिस्तान के लिए कुल 80 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले थे। वह टीम के शुरुआती सफल खिलाड़ियों में से एक रहे और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व किया।

लोगर प्रांत में जन्मे शापूर जादरान क्षेत्र में युद्ध की स्थिति के कारण पाकिस्तान के पेशावर चले गए थे। उन्होंने वहीं अरबाब नियाज स्टेडियम और जिमखाना में क्रिकेट कौशल निखारा। साल 2001 में उन्होंने लेदर बॉल क्रिकेट खेलना शुरू किया। शुरुआत में उनका सपना पाकिस्तान के लिए खेलना था, लेकिन बाद में अफगानिस्तान लौट आए, जब पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर इकबाल सिकंदर ने अफगानिस्तान में कोचिंग शुरू की।

अफगानिस्तान क्रिकेट जगत ने शापूर जादरान के निधन को बड़ी क्षति बताया है और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही है।

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