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अति पिछड़ा समुदाय ने टीडीपी गठबंधन की उपेक्षा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई की दी चेतावनी

अति पिछड़ा समुदाय ने टीडीपी गठबंधन की उपेक्षा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई की दी चेतावनी

आंध्र प्रदेश में अति पिछड़े समुदायों ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राजनीतिक संघर्ष शुरू करने की चेतावनी दी है। ताडेपल्ली स्थित वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित 74वें घुमंतू जनजाति दिवस समारोह के दौरान समुदाय के नेताओं ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई।

समुदाय के नेता पेंद्र वीरन्ना ने कहा कि पिछड़े वर्गों के अंतर्गत आने वाले 32 घुमंतू समुदायों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विशेष निगम का गठन किया था। उनके अनुसार, पिछड़े वर्ग-ए के इन समुदायों को आवासीय भूखंड, पक्के मकान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया था।

वीरन्ना ने आरोप लगाया कि मौजूदा टीडीपी गठबंधन सरकार के कार्यकाल में इन समुदायों की समस्याओं और आवश्यकताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घुमंतू समुदाय लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ मिलना जरूरी है।

समुदाय के नेताओं ने सरकार से कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने, आवास उपलब्ध कराने तथा सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो समुदाय संगठित होकर सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई शुरू करने पर मजबूर होगा।

नेताओं ने यह भी कहा कि घुमंतू समुदायों की संख्या बड़ी है और उनके हितों की अनदेखी का असर आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से तत्काल संवाद शुरू कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की।

समारोह के दौरान समुदाय के लोगों ने अपने अधिकारों, कल्याण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों में समुदायों की भागीदारी और उनके कल्याण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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