पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एक अनोखी और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। पूर्व बर्धमान जिले के औसग्राम क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कलिता माझी को उम्मीदवार बनाया है, जो पेशे से एक घरेलू कामगार रही हैं।
कलिता माझी दो घरों में काम करके हर महीने लगभग 4,000 रुपये कमाती थीं। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अपने काम से एक महीने की छुट्टी ली है ताकि वह पूरी तरह से अपने चुनाव प्रचार पर ध्यान दे सकें। उनकी उम्मीदवारी को बीजेपी की जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने और आम लोगों से जुड़ाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
कलिता माझी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर क्षेत्र में "लूट" और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं। उनका दावा है कि वह चुनाव जीतकर क्षेत्र में पारदर्शिता और विकास लाने का प्रयास करेंगी।
उनकी सादगी और संघर्ष की कहानी मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग उन्हें एक आम महिला के रूप में देखते हैं, जो उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के उम्मीदवार बीजेपी को ग्रामीण और गरीब वर्ग के मतदाताओं तक पहुंच बनाने में मदद कर सकते हैं। औसग्राम सीट पर मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ा माना जा रहा है।

