Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
गुजरात की हस्तकला से जुड़े कारीगरों के लिए हस्तकला सेतु योजना बनी मजबूत सहारा

गुजरात की हस्तकला से जुड़े कारीगरों के लिए हस्तकला सेतु योजना बनी मजबूत सहारा

गुजरात की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा ने सदियों से देश और विदेश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। बदलते आर्थिक परिदृश्य और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में इन कारीगरों को सशक्त बनाना समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है।

इसी दिशा में राज्य सरकार की 'हस्तकला सेतु योजना' पारंपरिक कारीगरों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।

इस योजना का उद्देश्य उन कारीगरों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराना है जो पीढ़ियों से पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े हुए हैं। सरकार का मानना है कि यदि इन कारीगरों को आधुनिक तकनीक, डिजाइन नवाचार और डिजिटल मार्केट तक पहुंच दी जाए, तो वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत कर सकते हैं।

'हस्तकला सेतु योजना' के तहत कारीगरों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे बदलते बाजार की मांग के अनुसार अपने उत्पादों में सुधार कर सकें। इसके साथ ही उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और प्रदर्शनी मेलों के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने का अवसर भी दिया जा रहा है।

योजना के तहत वित्तीय सहायता और आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कारीगर अपने काम को विस्तार दे सकें और नए उपकरण व सामग्री खरीद सकें। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हजारों कारीगरों को सीधा लाभ मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना गुजरात की हस्तकला को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ा रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में गुजरात के पारंपरिक हस्तशिल्प को 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों से जोड़कर एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Indian Witness Hindi