हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) ने बड़ा कदम उठाते हुए मंडी, सोलन और धर्मशाला नगर निगमों में पार्टी की हार के कारणों की जांच के लिए तथ्य-खोज समितियों का गठन किया है। यह निर्णय हाल ही में संपन्न शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में मिले परिणामों के बाद लिया गया है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन तीनों प्रमुख नगर निगमों में हार के पीछे संगठनात्मक कमजोरियां, स्थानीय स्तर पर रणनीति की कमी और मतदाताओं से जुड़ाव में गिरावट जैसे कई कारण हो सकते हैं। इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये तथ्य-खोज समितियां संबंधित क्षेत्रों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और बूथ स्तर के पदाधिकारियों से बातचीत करेंगी। इसके साथ ही वे चुनावी रणनीति, उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान की भी समीक्षा करेंगी।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कहना है कि इन समितियों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में संगठन को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पार्टी यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि आने वाले चुनावों में ऐसी गलतियों को दोहराया न जाए।
पार्टी नेताओं ने स्वीकार किया है कि हालिया चुनाव परिणामों ने संगठन के भीतर आत्ममंथन की आवश्यकता को उजागर किया है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह फैसला संगठनात्मक सुधार और भविष्य की चुनावी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

