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होर्मुज जलडमरूमध्य में 24 घंटे में तीन जहाजों पर हमला, अमेरिका-ईरान संघर्षविराम पर फिर मंडराया संकट

होर्मुज जलडमरूमध्य में 24 घंटे में तीन जहाजों पर हमला, अमेरिका-ईरान संघर्षविराम पर फिर मंडराया संकट

मेरिका और ईरान के बीच हालिया संघर्ष के बाद सामान्य होती समुद्री आवाजाही के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में 24 घंटे के भीतर तीन व्यावसायिक टैंकरों पर हमले ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है।

इन घटनाओं के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के अनुसार, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यावसायिक टैंकर प्रोजेक्टाइल हमलों का निशाना बने। इनमें से एक टैंकर ओमान के तट के पास आग की चपेट में आ गया। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि यह तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ले जा रहा जहाज था, जिसने कथित तौर पर चेतावनी की अनदेखी की थी। हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

यूकेएमटीओ ने बताया कि अन्य दो टैंकर भी हमलों का शिकार हुए, जिनमें से एक पर ड्रोन से हमला किए जाने की आशंका है। दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इनमें से कम से कम एक जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा।

होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से शांतिकाल में दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों और शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।

ईरान पहले भी कह चुका है कि केवल तेहरान द्वारा स्वीकृत समुद्री मार्ग ही सुरक्षित हैं। उसने जहाजों को ओमान के तट के निकट वैकल्पिक मार्गों का उपयोग नहीं करने की चेतावनी भी दी थी। पश्चिमी देशों के अधिकारियों को लंबे समय से संदेह रहा है कि निर्धारित मार्गों से हटने वाले जहाजों को ईरान निशाना बनाता है, हालांकि तेहरान ऐसे आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।

इस बीच कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने एलएनजी टैंकर अल रेकय्यात पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर अस्वीकार्य हमला बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। कतर ने इस घटना के लिए ईरान को कानूनी रूप से पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है।

उधर, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह व्यावसायिक यातायात के लिए खोलने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लंबे समय के समाधान को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से समझौते की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल रही तो आगे सैन्य कार्रवाई की नौबत आ सकती है। हालांकि उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान को प्राथमिकता देने की बात भी कही।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Indian Witness Hindi