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इंडोनेशिया की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामायण-महाभारत को बताया भारत-इंडोनेशिया संबंधों की नींव

इंडोनेशिया की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामायण-महाभारत को बताया भारत-इंडोनेशिया संबंधों की नींव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में देश की संसद को संबोधित किया। यह संबोधन उनके दौरे के दूसरे दिन हुआ। इससे पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान बिंटांग आदिपूर्णा से सम्मानित किया था।

इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वहां की जनता के भारत के प्रति प्रेम, सम्मान और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी मित्रता और मजबूत कार्य संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आने वाले समय में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की वैश्विक सोच विस्तारवाद पर नहीं, बल्कि समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सहयोग और साझेदारी के माध्यम से विकास में विश्वास रखता है।

भौगोलिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही दोनों देशों की राजधानियां हजारों किलोमीटर दूर हैं, लेकिन उनके बीच का समुद्री क्षेत्र केवल लगभग 150 किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में समुद्र विभाजन का कारण बने हैं, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्र हमेशा जोड़ने वाली कड़ी रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल भौगोलिक नजदीकी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें सदियों पुरानी साझा सभ्यता और संस्कृति में हैं। उन्होंने कहा कि रामायण, महाभारत और नालंदा की विरासत दोनों देशों को जोड़ती है।

उन्होंने वायांग कला, नृत्य, संगीत, बोरोबुदुर और प्रम्बानन मंदिरों तथा इंडोनेशिया के राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक समानताएं संबंधों को और गहरा बनाती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के समर्थन के लिए राष्ट्रपति प्रबोवो और इंडोनेशिया का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से सुरक्षा सहयोग को बढ़ा रहे हैं।

पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया से हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय समृद्धि के नए अवसर तलाशने का आह्वान किया।

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