महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के उम्मीदवार अंबादास दानवे को समर्थन देने का फैसला किया है।
शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने पुष्टि की कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अंबादास दानवे को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। यह फैसला आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सापकल ने संकेत दिया कि कांग्रेस इस चुनाव में अपना अलग उम्मीदवार भी उतार सकती है। इससे महा विकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर मतभेद उभरते दिखाई दे रहे हैं।
महा विकास आघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (UBT), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और अन्य सहयोगी दल शामिल हैं। अंबादास दानवे ने खुद को गठबंधन का संयुक्त उम्मीदवार बताते हुए सभी सहयोगियों से समर्थन की उम्मीद जताई है।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है। सीमित सीटों के कारण विपक्षी गठबंधन के लिए आपसी एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपने पांच उम्मीदवारों-प्रमोद जठार, सुनील करजतकर, माधवी नाइक, संजय भेंडे और विवेक कोल्हे-को मैदान में उतारा है। इसके अलावा एक उपचुनाव सीट के लिए भी उम्मीदवार घोषित किया गया है।
राज्य में चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

