समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मालदा में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की और इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया। उन्होंने इस घटना के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर किया है।
सांसद ने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने भी इस हिंसा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया और अपनी जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अवधेश प्रसाद ने कहा, "मालदा हिंसा ने हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफलता दिखाई और चुनाव आयोग भी मौन साधे बैठा। यह स्थिति हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।"
उन्होंने जनता से अपील की कि वह शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों या विवादित घटनाओं में न फँसे। सांसद ने यह भी कहा कि राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर हिंसा के कारणों की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुरक्षित रहे।

