मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नागरिकों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
बीएमसी के अनुसार, शनिवार सुबह से शहर में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। कोलाबा में सबसे अधिक 290 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मरीन लाइन्स, विक्रोली, तिलक नगर, वर्सोवा और जोगेश्वरी में भी 110 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
भारी वर्षा के कारण अंधेरी, विले पार्ले, मालाड, गोरेगांव, दहिसर, कुर्ला, मानखुर्द, पवई, अशोक नगर और अन्य निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कुर्ला पूर्व के नेहरू नगर में दो फीट से अधिक जलभराव होने से वाहन आधे तक पानी में डूब गए और आसपास के स्कूल परिसरों में भी पानी घुस गया।
वसई पूर्व के मधुबन इलाके में फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू अभियान चलाकर रस्सियों की मदद से 20 से 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं कोलाबा स्थित ताज होटल के पास एक बड़ा पेड़ गिर गया, जबकि मालाड पश्चिम में पेड़ गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।
बारिश का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। पश्चिम रेलवे पर नालासोपारा और वसई के बीच ट्रेनों में 20 से 25 मिनट की देरी हुई, जबकि बेस्ट की कई बस सेवाएं प्रभावित रहीं।
राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने बीएमसी के आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से समुद्र तटों से दूर रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

