Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
नेपाल में बाढ़ से 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी राज्यवार जानकारी; कंट्रोल रूम स्थापित

नेपाल में बाढ़ से 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी राज्यवार जानकारी; कंट्रोल रूम स्थापित

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 27 अगस्त को बताया कि नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस आपदा में कम से कम 270 लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बातचीत कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाली अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।

288 लापता भारतीयों में कौन-कौन शामिल?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, लापता भारतीयों में त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 73 भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 37 लोग सम्राट ट्रैवल्स के माध्यम से और 49 तमिलनाडु निवासी फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स के माध्यम से यात्रा कर रहे थे।

पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिक भी लापता हैं, जो सम्राट ट्रैवल्स के साथ यात्रा कर रहे थे और रसुवा जिले के तिमुरे में उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के 61 और केरल के 33 भारतीय नागरिक भी लापता बताए गए हैं।

21 भारतीयों को बचाया गया

जयसवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं, चीन के तिब्बत क्षेत्र में फंसे करीब 200 भारतीय नागरिकों ने भी भारत से सहायता मांगी है। इनमें से 95 गारचेन में हैं और नेपाल की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भी भेजी है। दो विमानों से आठ टन दवाइयां और एक टन खाद्य सामग्री भेजी गई है। कुल मिलाकर भारत ने नेपाल के राहत एवं बचाव अभियान के लिए 47.5 टन आपातकालीन सामग्री उपलब्ध कराई है।

बताया गया है कि भोटेकोशी नदी की सहायक ल्हेंदे नदी का प्रवाह हिमस्खलन के कारण बाधित हुआ, जिसके बाद अचानक आई बाढ़ ने चीन सीमा के पास तिमुरे और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Indian Witness Hindi