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SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने मिलाया हाथ, बिश्केक में हुई अहम बातचीत

SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने मिलाया हाथ, बिश्केक में हुई अहम बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की।

दोनों नेता अन्य राष्ट्राध्यक्षों के साथ समूह फोटो के बाद सम्मेलन स्थल की ओर जाते समय बातचीत करते नजर आए।

दोनों नेताओं की यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भारत आगामी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है। माना जा रहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। ऐसे में बिश्केक में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को आगामी द्विपक्षीय संपर्कों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आतंकवाद पर पीएम मोदी का सख्त संदेश

एससीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मामले में किसी भी तरह के दोहरे मानदंड की जगह नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने की जरूरत बताई, जिसमें आतंकवाद की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाह शामिल हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के मैदान में किसी समस्या का समाधान नहीं होता। सभी युद्ध और संघर्ष बातचीत तथा कूटनीति के माध्यम से सुलझाए जाने चाहिए।

पुतिन से भी हुई अहम बातचीत

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। यूक्रेन संघर्ष का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया को लगातार चलने वाले युद्धों से निकलकर युद्ध की समाप्ति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद पैदा करता है। भारत ने लगातार बातचीत और कूटनीति को संघर्षों के समाधान का रास्ता बताया है।

एससीओ की स्थापना वर्ष 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने। ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुए।

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