ओडिशा में पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट
चार जिलों में रेड अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी
बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की आशंका
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
भुवनेश्वर।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग और उत्तर ओडिशा तट के समीप बने सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि पूरे राज्य में बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, नदी-नालों के उफान और यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है।
पहले 24 घंटे में चार जिलों के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने पहले 24 घंटों के लिए कलाहांडी, रायगड़ा, कोरापुट और मालकानगिरि जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, पहाड़ी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
बरगड़, सोनपुर, बौधगढ़, नुआपड़ा, बलांगीर, कंधमाल, नवरंगपुर, गजपति और गंजाम जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
दूसरे दिन मध्य ओडिशा में बढ़ेगा बारिश का असर
अगले 48 घंटे के दौरान वर्षा का केंद्र मध्य ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। संबलपुर, अनुगूल, सोनपुर, बौद्ध और कंधमाल जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। कटक, ढेंकानाल, केंदुझर, कलाहांडी, रायगड़ा, गजपति, गंजाम और नयागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
उत्तरी ओडिशा में तीन दिन तक भारी बारिश
5 से 8 जुलाई के बीच वर्षा का प्रभाव उत्तरी ओडिशा की ओर बढ़ेगा। सुंदरगढ़, केंदुझर और मयूरभंज जिलों में लगातार तीन दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही आसपास के जिलों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
भुवनेश्वर मौसम केंद्र के अनुसार 5 से 8 जुलाई तक ओडिशा के सभी 30 जिलों में 76 से 100 प्रतिशत क्षेत्रों में वर्षा होने की संभावना है। 9 जुलाई से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी। 10 और 11 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर केवल छिटपुट वर्षा होने का अनुमान है।
सोहेला में 202 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटों में बरगढ़ जिले के सोहेला में सर्वाधिक 202 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राज्य के सात अन्य केंद्रों पर भी अत्यधिक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। भुवनेश्वर में 41 मिलीमीटर और कटक में 56.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। राज्य में अब तक सामान्य से लगभग 182 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
बाढ़, भूस्खलन और फसलों को नुकसान की आशंका
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी भरने, नदियों और नालों के उफान, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा कच्चे मकानों और सड़कों को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों और बागवानी फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में समुद्र अत्यंत उग्र रहने और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
