राजस्व विभाग का बड़ा निर्देश
भुवनेश्वर। राज्य सरकार ने भूदान भूमि के वितरण और लाभार्थियों के पक्ष में म्यूटेशन की प्रक्रिया पर अगली सूचना तक रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह आदेश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी किया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह संज्ञान में आया है कि भूदान भूमि के वितरण के दौरान निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन किए बिना तथा संबंधित भूमि अभिलेखों की समुचित जांच किए बिना लाभार्थियों के पक्ष में आवंटन किया जा रहा था। इसके कारण भविष्य में म्यूटेशन और भूमि रिकॉर्ड में नामांतरण के समय गंभीर कानूनी जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
इसी को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि भूदान भूमि का वितरण और लाभार्थियों के पक्ष में म्यूटेशन की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित रहेगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद पाढ़ी ने इस संबंध में सभी राजस्व मंडल आयुक्तों (आरडीसी), पंजीकरण महानिरीक्षक (आईजीआर), जिला कलेक्टरों तथा भूमि अभिलेख एवं सर्वे निदेशालय को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन भूदान भूमि का पूर्व में आवंटन हो चुका है और जिनका म्यूटेशन पूर्ण हो चुका है, ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के हस्तांतरण का तत्काल प्रभाव से पंजीकरण अधिकारी पंजीकरण नहीं करेंगे।
इसके अतिरिक्त, सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे भूदान यज्ञ समिति को दान की गई भूमि, वितरित भूमि, रिकॉर्ड में दर्ज भूमि तथा लाभार्थियों के पक्ष में जारी भूमि से संबंधित विस्तृत एवं प्रमाणित रिपोर्ट एक माह के भीतर सरकार को प्रस्तुत करें।
सरकार ने सभी उप-जिलाधीशों, तहसीलदारों तथा क्षेत्रीय अधिकारियों को इस निर्णय का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, राजस्व मंडल आयुक्तों और जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि वे इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
