Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
धारा 370 हटने के बाद बदली तस्वीर

धारा 370 हटने के बाद बदली तस्वीर

Indo Asian Times 4 months ago

भुवनेश्वर,में एक विशेष बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने कहा कि धारा 370 के निष्क्रिय होने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ है।

पहले अलगाववादी शक्तियां और कुछ राजनीतिक समूह आम लोगों के बीच भ्रम फैलाकर उन्हें मुख्यधारा से दूर रखने का प्रयास करते थे, लेकिन अब वास्तविकता लोगों के सामने स्पष्ट हो रही है।

जम्मू-कश्मीर के लोगों को अब यह महसूस होने लगा है कि लंबे समय तक उन्हें भावनात्मक और राजनीतिक नारों में उलझाकर रखा गया। आज जब विकास योजनाएं धरातल पर दिखाई दे रही हैं, तब लोगों को समझ में आ रहा है कि प्रगति का मार्ग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के साथ ही संभव है।

युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

भटनागर के अनुसार प्रदेश के युवा अब रोजगार, उद्यमिता, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पहले जहां कई क्षेत्रों में अवसरों का अभाव महसूस किया जाता था, वहीं अब पर्यटन, सेवा क्षेत्र, कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा स्वभाव से प्रतिभाशाली, शिक्षित और परिश्रमी हैं। उन्हें उचित वातावरण और अवसर मिलने पर वे देश के किसी भी हिस्से के युवाओं की तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। वर्तमान परिवर्तनों ने युवाओं को नई दिशा और नया आत्मविश्वास प्रदान किया है।

शिक्षा और सामाजिक विकास में आगे रहा है जम्मू-कश्मीर

भटनागर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ऐतिहासिक रूप से देश के शिक्षित और सभ्य क्षेत्रों में से एक रहा है। यहां के लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक अनुशासन की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने बताया कि अधिकांश परिवारों के पास सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध है और प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी कई राज्यों की तुलना में बेहतर मानी जाती है।

भारत के साथ जुड़ाव हुआ और मजबूत

आशुतोष भटनागर ने कहा कि धारा 370 के निष्क्रिय होने के बाद लोगों के मन में यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। पहले प्रदेश को देश के मानचित्र में एक विशेष प्रकार की रेखाओं के माध्यम से दर्शाया जाता था, जबकि अब जम्मू-कश्मीर भारत के नक्शे का पूर्ण और स्पष्ट हिस्सा बनकर सामने आता है।

उनके अनुसार यह केवल प्रशासनिक परिवर्तन नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बदलाव भी है। इससे लोगों के भीतर राष्ट्रीय एकता और स्थिरता का भाव मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब आम नागरिकों को यह विश्वास हो गया है कि उनका भविष्य भारत के साथ सुरक्षित और समृद्ध है।

अलगाववाद की सोच हो रही कमजोर

भटनागर का मानना है कि विकास और अवसरों के विस्तार के साथ अलगाववादी विचारधाराओं का प्रभाव लगातार घट रहा है। जब लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर जीवन स्तर मिलता है तो वे सकारात्मक भविष्य की ओर बढ़ते हैं। यही कारण है कि आज प्रदेश में नई पीढ़ी विकास, प्रगति और राष्ट्रीय सहभागिता को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे बदलाव केवल आर्थिक नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी गहरे प्रभाव छोड़ रहे हैं। लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है, भविष्य के प्रति आशा जगी है और राष्ट्रीय विकास यात्रा में सहभागी बनने की भावना मजबूत हुई है।

पत्थरबाजी से प्रतिभा तक: बदल रही है युवाओं की सोच

आशुतोष भटनागर ने कहा कि एक समय ऐसा था जब जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में युवाओं को भड़काकर उन्हें पत्थरबाजी, हिंसक गतिविधियों और अलगाववादी आंदोलनों की ओर धकेला जाता था। सीमापार से संचालित नेटवर्क और मादक पदार्थों के तस्कर युवाओं की ऊर्जा का दुरुपयोग कर उन्हें गलत रास्ते पर ले जाने का प्रयास करते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। आज वही युवा शिक्षा, कौशल विकास, खेल, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

आतंकवाद नियंत्रण में है

370 हटने के बाद आतंकवाद पूर्ण रुप से समाप्त हो गया है, यह कहना सही नहीं होगा। लेकिन यह बात है कि यह नियंत्रण में है। इसका कारण है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी कश्मीर में आतंकवाद को तभी अंजाम दे सकते हैं, जब उन्हें स्थानीय लोगों का समर्थन प्राप्त हो। लेकिन अब देखा जा है कि किसी भी आंतकावदी के कश्मीर में प्रवेश करने के बाद स्थानीय लोग तत्काल पुलिस व सुरक्षा बलों को सूचना दे रहे हैं तथा तत्काल उन्हे सुरक्षा बल न्युट्रालाइज कर रहे हैं।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Indo Asian Times