Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
किराया बढ़ाने की मांग को लेकर निजी बस मालिकों की हड़ताल की चेतावनी

किराया बढ़ाने की मांग को लेकर निजी बस मालिकों की हड़ताल की चेतावनी

Indo Asian Times 2 weeks ago
  • सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम

  • मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन बस हड़ताल: सरकार से शीघ्र निर्णय की उम्मीद

भुवनेश्वर। ओडिशा राज्य निजी बस मालिक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यभर में निजी बस सेवाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।

यह निर्णय शनिवार को कटक में आयोजित संघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और बस संचालकों के सामने आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

संघ के महासचिव देवेंद्र नाथ साहू ने कहा कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण वर्तमान किराया व्यवस्था में बसों का संचालन करना लगातार कठिन होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि सरकार अगले 10 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लेती है तो निजी बस मालिकों के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

संघ की प्रमुख मांगों में बस किराए में संशोधन तथा वार्षिक अनुरक्षण शुल्क में वृद्धि शामिल है। बस संचालकों का कहना है कि ईंधन, स्पेयर पार्ट्स, कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जबकि किराया दरों में अपेक्षित संशोधन नहीं किया गया है। इससे निजी बस संचालन आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहा है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपकर निजी बस संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया जाएगा। संघ का कहना है कि उनकी मांगें यात्रियों के हितों और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी आवश्यक हैं।

यदि प्रस्तावित हड़ताल लागू होती है तो राज्यभर में निजी बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसका असर हजारों दैनिक यात्रियों पर पड़ेगा, जो जिले और अंतर-जिला यात्रा के लिए निजी बसों पर निर्भर हैं। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में भी व्यापक व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है।

हालांकि संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगी और हड़ताल जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने देगी। बस मालिकों ने कहा कि उनका उद्देश्य सेवा बंद करना नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Indo Asian Times