मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 10 आईएएस प्रेक्षकों के साथ की समीक्षा
मसौदा मतदाता सूची, दावों-आपत्तियों के निस्तारण और त्रुटिरहित अंतिम सूची तैयार करने पर दिया गया जोर
भुवनेश्वर।
ओडिशा में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, समावेशी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरएस गोपालन ने नव-नियुक्त 10 आईएएस मतदाता सूची प्रेक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में हाइब्रिड माध्यम से आयोजित इस बैठक में विशेष पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुशांत कुमार मिश्र, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी गोपीनाथ कुमार, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. लक्ष्मीप्रसाद साहू, अनामिका सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी 10 आईएएस प्रेक्षक भी बैठक में शामिल हुए और अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान राज्यभर में गणना प्रपत्रों के वितरण एवं संग्रहण कार्य की सफलता, मतदाता आंकड़ों के डिजिटलीकरण की प्रगति तथा मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रेक्षकों को विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया और आगामी चरणों में दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन में उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 3 जुलाई को विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के लिए 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को विभिन्न जिलों के समूहों का मतदाता सूची प्रेक्षक नियुक्त किया था। इनके तहत जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, जाजपुर, बालेश्वर, भद्रक, मयूरभंज, कलाहांडी, बलांगीर, नुआपड़ा, सोनपुर, बौधगढ़, कंधमाल, देवगढ़, संबलपुर, बरगढ़, गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कटक, ढेंकानाल, अनुगोल, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, भुवनेश्वर, नवरंगपुर, कोरापुट, मालकानगिरि, केंदुझर, सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा जिले शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरएस गोपालन ने प्रेक्षकों को मसौदा मतदाता सूची की गहन जांच, प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का त्वरित निस्तारण तथा प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक, व्यापक और त्रुटिरहित होनी चाहिए तथा कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए।
यह समीक्षा बैठक विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो ओडिशा में पारदर्शी, निष्पक्ष और सहभागी निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाएगी।

