Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला

अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला

ई दिल्ली: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े IB कर्मचारी अंकित शर्मा हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और 4 अन्य को उम्रकैद की सज़ा दी है।

कोर्ट ने कहा "घटना ने समाज की अंतरात्मा झकझोर दी"

जज ने सज़ा सुनाते हुए इस अपराध को "बहुत गंभीर" बताया। कोर्ट ने कहा कि इस वारदात ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सांप्रदायिक हिंसा के दौरान कितनी बर्बरता हो सकती है।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हत्या पूरी तरह धर्म के आधार पर की गई थी। "अपराध करने का तरीका बेहद बर्बर था और यह पूरी तरह से पीड़ित के धर्म के कारण किया गया।"

पीड़ित के साथ हुई क्रूरता का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि अंकित शर्मा के शव को "किसी जानवर की तरह" घसीटकर चांद बाग पुलिया तक ले जाया गया और फिर नाले में फेंक दिया गया। जज ने टिप्पणी की, "की गई बर्बरता घिनौनी और विचलित करने वाली है।"

5 दोषियों को उम्रकैद

अदालत ने ताहिर हुसैन, नाज़िम, कासिम, जावेद और अनस को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। इन सभी को 13 जुलाई को ही हत्या, आपराधिक साज़िश और दंगा भड़काने समेत कई धाराओं में दोषी ठहराया गया था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से सभी पांचों के लिए मौत की सज़ा मांगी थी। पुलिस का तर्क था कि ये मामला "दुर्लभतम से दुर्लभ" श्रेणी में आता है।

कोर्ट ने क्यों नहीं दी फांसी

लेकिन कोर्ट ने मौत की सज़ा देने से इनकार कर दिया। जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष ये साबित नहीं कर पाया कि पांचों का स्वभाव हिंसक था या उनमें इस तरह के अपराध करने की आदत थी।

अदालत ने ये भी ध्यान में रखा कि किसी भी दोषी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इन लोगों को अनुशासित किया जा सकता है और कानून का पालन करवाया जा सकता है।

जज ने कहा, "भले ही मौत की सज़ा देने पर कानूनी रोक नहीं है, लेकिन सिर्फ गैर-कानूनी भीड़ में शामिल होने और हत्या के लिए फांसी की सज़ा नहीं दी जा सकती। उसके लिए कुछ खास परिस्थितियां चाहिए होती हैं।"

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों के दौरान IB में काम करने वाले अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन बाद उनका शव खजूरी खास के पास एक नाले से बरामद हुआ था।

शव की हालत और हत्या का तरीका इतना खौफनाक था कि ये केस दंगों से जुड़े सबसे हाई-प्रोफाइल मुकदमों में से एक बन गया। जांच में आरोप लगा कि ताहिर हुसैन के घर की छत से दंगे भड़काए गए थे और अंकित शर्मा की हत्या की साजिश वहीं रची गई थी।

कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने कहा कि उन्हें कुछ हद तक न्याय मिला है, लेकिन वो सुप्रीम कोर्ट में मौत की सज़ा के लिए अपील पर विचार करेंगे।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Janbhawana Times