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जंग के बीच जरीफ का नया फॉर्मूला, खुद को विजेता घोषित कर युद्ध खत्म करे ईरान

जंग के बीच जरीफ का नया फॉर्मूला, खुद को विजेता घोषित कर युद्ध खत्म करे ईरान

ध्य पूर्व में जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. एक ओर अमेरिका और इजरायल ईरान पर हमले कर रहे हैं. दूसरी तरफ ईरान भी इजरायल और खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बना रहा है.

दोनों पक्षों के बीच बढ़ती आक्रामकता के कारण अब तक युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है.

जवाद जरीफ ने संघर्ष समाप्ति का सुझाया रास्ता

इसी बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने इस टकराव को समाप्त करने के लिए एक अलग रास्ता सुझाया है. उन्होंने ईरानी नेतृत्व को सलाह दी है कि यदि अमेरिका के साथ सीधे तौर पर समझौता संभव नहीं हो पा रहा है, तो ईरान को खुद पहल करते हुए संघर्ष समाप्त करने पर विचार करना चाहिए. जरीफ का मानना है कि ईरान यदि खुद को इस संघर्ष में विजेता घोषित कर दे और एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर दे, तो इससे आगे के टकराव को रोका जा सकता है.

अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में प्रकाशित एक लेख में जरीफ ने कहा कि यह रणनीति न केवल वर्तमान संघर्ष को समाप्त करने में मदद कर सकती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने का मार्ग भी प्रशस्त कर सकती है. उन्होंने इस सुझाव को एक व्यावहारिक और रणनीतिक कदम बताया, जो ईरान के दीर्घकालिक हितों के अनुरूप हो सकता है.

डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना

जरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना की. उन्होंने ट्रंप के बयान और रवैये को उकसाने वाला और अपमानजनक बताया. हालांकि, उन्होंने साथ ही ईरान की सेना और जनता के साहस की सराहना भी की. जरीफ ने कहा कि वे इस शांति प्रस्ताव को सार्वजनिक करने को लेकर दुविधा में थे, लेकिन उन्हें विश्वास है कि युद्ध का अंत ऐसे ही किसी समाधान के जरिए संभव है, जो देश के हितों को सुरक्षित रखे.

गौरतलब है कि जरीफ लंबे समय तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ बातचीत में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं. मौजूदा संघर्ष को अब 35 दिन से अधिक हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद हिंसा और हमले जारी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए गए युद्धविराम के दावे भी अब तक प्रभावी साबित नहीं हुए हैं.

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