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खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार बम धमाका: 3 महिलाओं और एक बच्चे समेत 5 की मौत, पुलिस स्टेशन था निशाना

खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार बम धमाका: 3 महिलाओं और एक बच्चे समेत 5 की मौत, पुलिस स्टेशन था निशाना

ई दिल्ली: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक भीषण आत्मघाती कार बम धमाके ने देर रात दहशत फैला दी. इस हमले में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं.

घटना के बाद पूरे इलाके में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

पुलिस के अनुसार, यह हमला एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर किया गया था, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों को भी भारी नुकसान पहुंचा. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई और कई घरों को क्षति पहुंची.

डोमेल तहसील में हुआ बड़ा धमाका

यह विस्फोट बन्नू जिला की डोमेल तहसील में हुआ, जब एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर सीधे पुलिस स्टेशन में घुस गया. इसके बाद जोरदार धमाका हुआ जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया.

पुलिस स्टेशन था मुख्य निशाना

अधिकारियों के मुताबिक, हमले का प्राथमिक लक्ष्य पुलिस स्टेशन ही था. विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में गोलीबारी की भी खबरें सामने आईं, जिससे लोगों में और अधिक दहशत फैल गई.

महिलाओं और बच्चे समेत पांच की मौत

बचाव दल घटनास्थल पर तुरंत पहुंचे और मलबे से पांच शव बरामद किए. इनमें तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं. इसके अलावा, कम से कम चार पुलिसकर्मी इस हमले में घायल हुए हैं.

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना के बाद आपातकालीन टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. अधिकारी अभी भी नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी जुटाने में लगे हैं.

अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

हाल ही में आई एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अब भी आतंकवादी संगठनों के लिए "सुरक्षित पनाहगाह" बना हुआ है.

25 मार्च, 2026 को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और उसकी सेना ने आतंकी संगठनों के खिलाफ "असंगत" तरीके से कार्रवाई की है, और अधिकारी 'कुछ आतंकी समूहों और व्यक्तियों को देश में खुलेआम काम करने से रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई करने में विफल रहे हैं'.

आतंकी संगठनों की गतिविधियां जारी

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय कार्य योजना के बावजूद, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन अब भी पाकिस्तान की धरती से सक्रिय हैं.

बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा, जिसकी स्थापना 1980 के दशक के अंत में हुई थी, 1993 से भारत को निशाना बनाता रहा है और उसने पाकिस्तान व अफगानिस्तान में भी हमले किए हैं.

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