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OSM पोर्टल विवाद के बाद सरकार की बड़ी कार्रवाई, CBSE चेयरमैन और सचिव का हुआ तबादला

नई दिल्ली: ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है।

सरकार ने OSM सेवाओं की खरीद की जांच के आदेश भी दिए हैं। परीक्षा से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट में अनियमितताओं पर सरकार का यह सख्त रुख माना जा रहा है।

हफ्तों से चल रही थी जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CBSE की मूल्यांकन और रिजल्ट के बाद की प्रक्रिया को लेकर पिछले कई हफ्तों से सवाल उठ रहे थे। इससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में नाराजगी थी।

राहुल सिंह IAS अधिकारी के तौर पर बोर्ड के पूरे कामकाज को देखते थे। इसमें परीक्षाएं, शैक्षणिक मामले, स्कूलों की मान्यता, नीतियां लागू करना और बड़े सुधार शामिल थे। वे शिक्षा मंत्रालय के साथ तालमेल भी रखते थे।

वहीं सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता IAS प्रशासन, वित्त और मान्यता जैसे अहम विभाग संभाल रहे थे। CBSE के रोजमर्रा के काम और देशभर के स्कूलों व परीक्षा नेटवर्क में नीतियां लागू कराने में उनकी अहम भूमिका थी।

एस. राधा चौहान करेंगी जांच

सरकार ने एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति बनाई है। यह पैनल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच करेगा और रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। अभी समिति के काम का पूरा ब्यौरा नहीं आया है। माना जा रहा है कि जांच में देखा जाएगा कि कॉन्ट्रैक्ट कैसे दिया गया और सभी नियमों का पालन हुआ या नहीं।

चेयरमैन और सेक्रेटरी का हटाया जाना विवाद शुरू होने के बाद सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई है। इससे साफ है कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। CBSE देश की सबसे बड़ी परीक्षा प्रणाली है और इसमें पारदर्शिता व जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।

रिजल्ट के बाद शुरू हुआ था विवाद

विवाद की शुरुआत कक्षा 10 और 12 के रिजल्ट आने के बाद हुई। कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखने में दिक्कत आ रही है। छात्रों का कहना था कि कई पेज धुंधले थे, कुछ हिस्से गायब थे और बोर्ड की ऑनलाइन सेवा ठीक से नहीं चल रही थी।

इसके बाद OSM प्लेटफॉर्म और डिजिटल मूल्यांकन के टेंडर पर सवाल उठने लगे। वेंडर के चयन की प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा और री-चेकिंग में देरी को लेकर बहस तेज हो गई। इस पर CBSE ने समय सीमा बढ़ाई और कई बार सफाई दी। बोर्ड ने कहा कि छात्रों की हर सही शिकायत की तय प्रक्रिया के तहत जांच होगी।

सरकार के इस कदम से साफ है कि तकनीक आधारित मूल्यांकन में गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Janbhawana Times