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'रियल TMC' विवाद गरमाया! ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, जांच जल्द खत्म करने की मांग

'रियल TMC' विवाद गरमाया! ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, जांच जल्द खत्म करने की मांग

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने 'रियल तृणमूल कांग्रेस' विवाद को लेकर चुनाव आयोग से जल्द फैसला लेने की अपील की है. उन्होंने निर्वाचन आयोग के सचिव अश्वनी मोहाल को पत्र लिखकर कहा है कि इस मामले में जांच प्रक्रिया अब और लंबी नहीं खींची जानी चाहिए.

ममता का कहना है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है, इसलिए आयोग को बिना और समय दिए जांच पूरी करनी चाहिए.

यह विवाद 22 जून 2026 को शुरू हुआ था, जब ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग को एक शिकायत भेजी थी. इसके बाद आयोग ने 2 जुलाई को ममता बनर्जी से इस मामले में जवाब मांगा. आयोग द्वारा तय समय सीमा के भीतर ममता बनर्जी ने 6 जुलाई को अपना जवाब दाखिल कर दिया था. उन्होंने बताया कि उनका जवाब चुनाव आयोग के साथ-साथ शिकायतकर्ता ऋतब्रत बनर्जी को भी ईमेल और स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया था, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे.

बार-बार समय बढ़ाने पर जताई आपत्ति

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में कहा कि आयोग ने शिकायतकर्ता को पहले 10 जुलाई तक जवाब देने का समय दिया था. बाद में उसकी मांग स्वीकार करते हुए 25 जुलाई तक अतिरिक्त समय भी दिया गया. लेकिन बढ़ी हुई समय सीमा समाप्त होने के बाद भी उन्हें कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार समय बढ़ाने से शिकायतकर्ता को अपने दावों के समर्थन में नए दस्तावेज या सबूत तैयार करने का अवसर मिल रहा है. उनके अनुसार, मूल शिकायत में पर्याप्त आधार नहीं है और इसी कारण विरोधी पक्ष अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया है.

जल्द फैसला लेने की अपील

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि अब इस मामले में और समय नहीं दिया जाए. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जांच लंबित रहने से राजनीतिक माहौल प्रभावित हो रहा है और इससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति बन रही है. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को 2 जुलाई 2026 से शुरू हुई जांच प्रक्रिया को जल्द पूरा कर निष्पक्ष निर्णय देना चाहिए. उनके अनुसार, समय पर फैसला आने से लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा.

ममता बनर्जी ने अपने पत्र के अंत में दोहराया कि पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) अपने रुख पर कायम है और उसे उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई करेगा.

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