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सालों की जुदाई के बाद खत्म हुआ रिश्ता, सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला के तलाक पर लगाई मुहर

सालों की जुदाई के बाद खत्म हुआ रिश्ता, सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला के तलाक पर लगाई मुहर

ई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला का लंबे समय से चला आ रहा तलाक का मामला अब खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की आपसी सहमति से शादी तोड़ने की डिक्री जारी कर दी।

कोर्ट ने कहा "यह स्वागतयोग्य और अच्छी बात है"

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने दोनों पक्षों ने बताया कि उनके बीच अब कोई विवाद नहीं बचा है। वे अपनी मर्जी से अलग होना चाहते हैं।

सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि "दोनों पक्ष अपनी-अपनी आजादी को स्वीकार कर चुके हैं। सभी विवाद सुलझ चुके हैं। माननीय अदालत तलाक की डिक्री पारित कर सकती है।"

कोर्ट ने इसे सकारात्मक कदम माना। बेंच ने टिप्पणी की, "यह स्वागतयोग्य स्थिति है और अच्छी बात है।" चूंकि सभी मुद्दे आपसी सहमति से सुलझ गए थे, इसलिए कोर्ट ने इन्हीं शर्तों पर मामले का निपटारा कर दिया।

साथ ही ये भी स्पष्ट किया गया कि तलाक के अलावा दोनों के बीच जो बाकी कानूनी मामले लंबित थे, उन्हें भी वापस ले लिया जाएगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक संबंध समाप्त करने का अंतिम आदेश दे दिया।

सालों से रह रहे थे अलग

उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला काफी समय से अलग-अलग रह रहे थे। उनका तलाक का केस कई सालों से कोर्ट में चल रहा था। अब दोनों के बीच सहमति बनने के बाद इस मामले का पटाक्षेप हो गया है।

कानूनी जानकारों के मुताबिक आपसी सहमति वाला तलाक सबसे आसान प्रक्रिया होती है। जब दोनों पति-पत्नी साथ मिलकर कोर्ट में कहते हैं कि वे अब साथ नहीं रहना चाहते और उनके बीच कोई विवाद नहीं है, तो कोर्ट डिक्री दे देता है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा

CM पद पर रहते हुए उमर अब्दुल्ला के निजी जीवन से जुड़े इस फैसले की सियासी गलियारों में भी चर्चा है। हालांकि दोनों पक्षों ने इसे पूरी तरह निजी मामला बताकर मीडिया से दूरी बनाए रखी।

कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि अब दोनों अपनी-अपनी जिंदगी स्वतंत्र रूप से जीना चाहते हैं। किसी तरह की कोई कड़वाहट नहीं है और सभी लंबित मुद्दे आपसी बातचीत से सुलझा लिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को बिना खींचे तुरंत निपटा दिया। कोर्ट ने कहा कि जब दोनों राजी हैं तो इसमें दखल की कोई वजह नहीं है। अब इस फैसले के साथ उमर और पायल अब्दुल्ला के बीच कानूनी रूप से कोई संबंध नहीं रहा। दोनों अब अपनी अलग जिंदगी शुरू करेंगे।

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