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शराब के पैसे नहीं चुका पाई महिला तो बारटेंडर ने पार की हदें, सरेआम मुंडवा दिया सिर

शराब के पैसे नहीं चुका पाई महिला तो बारटेंडर ने पार की हदें, सरेआम मुंडवा दिया सिर

ई दिल्ली: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक महिला द्वारा बार का बिल न चुका पाने पर उसे बेहद अजीबोगरीब सजा दी गई। आरोपी महिला कथित तौर पर बिना पैसे दिए बार से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी।

इसके बाद बार के कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाने के बजाय कानून अपने हाथ में ले लिया और बिल की भरपाई के नाम पर महिला का सिर ही मुंडवा दिया। इस पूरी अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है और न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

फर्जी पहचान के साथ दाखिल हुई थी महिला

यह सनसनीखेज मामला बैंकॉक के पिंक्लाओ इलाके का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना 25 अगस्त को घटी जब महिला एक फर्जी पहचान पत्र (आईडी) का इस्तेमाल कर इलाके के एक मशहूर बार में दाखिल हुई थी।
महिला पर आरोप है कि वह इससे पहले भी कई रेस्टोरेंट्स और क्लबों में खा-पीकर बिना पैसे दिए भागने की कोशिश कर चुकी है। इस बार भी उसने बार में जमकर खान-पान किया, जिससे उसका कुल बिल 60 हजार बाट यानी लगभग 1,812 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। जब कर्मचारियों को उसके बिना बिल चुकाए निकलने का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

'हेयर परचेज कॉन्ट्रैक्ट' के नाम पर काटे गए घने बाल

पकड़े जाने के बाद जब महिला ने पैसे न होने की बात कही, तो मामले को कानूनी तरीके से निपटाने के बजाय बार प्रबंधन ने एक बेतुका रास्ता निकाला। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सफेद रंग की ड्रेस पहने महिला असहाय स्थिति में दिखाई दे रही है।
बार स्टाफ ने उससे एक कथित 'हेयर परचेज कॉन्ट्रैक्ट' पर जबरन दस्तखत करवाए, जिसमें बिल के बदले उसके लंबे और घने बाल काटने का सौदा किया गया। कैमरे के पीछे खड़ा एक शख्स महिला से यह कहता सुनाई दे रहा है कि वह उस पर कोई अहसान नहीं कर रहा, बल्कि बाजार की दर से उसके बालों की कीमत लगा रहा है। इसके तुरंत बाद बारटेंडर ने ट्रिमर चलाकर महिला के कंधे तक लंबे बालों को पूरी तरह से साफ कर दिया।

मानवाधिकार संगठन ने जताई आपत्ति

वीडियो के तेजी से इंटरनेट पर फैलने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बार प्रशासन की जमकर क्लास लगाई है। थाईलैंड की गैर-सरकारी संस्था 'बी वन फाउंडेशन' की संस्थापिका चालिदा ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति पर दबाव बनाकर करवाया गया समझौता कानूनी रूप से मान्य नहीं होता। चालिदा के मुताबिक, भले ही महिला ने बिना पैसे दिए भागने की गलती की हो, लेकिन किसी व्यक्ति को अवैध हिरासत में रखना, डराना-धमकाना और उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

सामाजिक विकास मंत्रालय ने शुरू की जांच

मामले के तूल पकड़ते ही बार प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। संस्था से बातचीत के दौरान बार के अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माना कि उनके मैनेजर ने गुस्से और आवेश में आकर यह अनुचित कदम उठाया था। प्रबंधन अब पीड़ित महिला के परिवार से संपर्क करके हर्जाना देने की बात कह रहा है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए थाईलैंड के सामाजिक विकास और मानव सुरक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या कारोबारी नुकसान की आड़ में किसी इंसान की गरिमा को इस तरह तार-तार किया जा सकता है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Janbhawana Times