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विपक्षी गठबंधन में बढ़ी टकरार, इस दिग्गज नेता ने कांग्रेस पर उठाए सवाल

विपक्षी गठबंधन में बढ़ी टकरार, इस दिग्गज नेता ने कांग्रेस पर उठाए सवाल

तीन बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे अब्दुल्ला ने कहा कि INDIA गठबंधन की नियमित बैठकें होना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा, 'यह गठबंधन सिर्फ चुनावों के लिए नहीं है. यह देश के भविष्य के लिए है.

इस बात को कई बार नजरअंदाज किया जा चुका है. यह कहते हुए मुझे बहुत दुख हो रहा है. अब्दुल्ला ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले हमारे सांसदों को भी भरोसा दिया गया है. हमें उम्मीद है कि इन राज्य चुनावों के खत्म होने के बाद वे राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर आगे बढ़ेंगे.

INDIA गठबंधन से नाराज दिग्गज नेता
फारूक अब्दुल्ला ने विपक्षी गठबंधन INDIA के बारे में कहा कि उनकी पार्टी इस गठबंधन की प्रतिबद्ध सदस्य बनी हुई है, लेकिन यह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर मजबूत और एकजुट रणनीति के अभाव को गठबंधन में विवाद का मुख्य कारण भी बताया. अब्दुल्ला ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले हमारे सांसदों को भी भरोसा दिया गया है. हमें उम्मीद है कि इन राज्य चुनावों के खत्म होने के बाद वे राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर आगे बढ़ेंगे.

क्यों है INDIA गठबंधन से नाराजगी
अब्दुल्ला ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि वे हमारे मुद्दे के लिए कहीं ज्यादा जोरदार तरीके से लड़ेंगे. ऐसा नहीं हुआ. यह वास्तव में बहुत दुखद है कि प्रमुख पार्टी कांग्रेस ने वह भूमिका नहीं निभाई, जिसकी हम उससे अपेक्षा करते हैं. अब्दुल्ला ने गठबंधन से अपील की कि वह केवल चुनावी समझौते तक सीमित न रहे, बल्कि 'नजरअंदाज' किए जा रहे देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए अधिक बैठकें करे.

भाजपा के साथ जाने से इनकार
उन्होंने कहा, 'यह बिल्कुल स्पष्ट है कि हम भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं हैं और कभी नहीं होंगे. हम INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं. मुझे उम्मीद है कि चुनाव के बाद यह गठबंधन फिर से एकजुट होगा और न केवल राष्ट्रीय मुद्दों, बल्कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को भी कहीं ज्यादा मजबूती से उठाएगा. अब्दुल्ला ने कहा कि INDIA गठबंधन की नियमित बैठकें होना 'बहुत जरूरी' है. उन्होंने कहा, 'यह गठबंधन सिर्फ चुनावों के लिए नहीं है. यह देश के भविष्य के लिए है. इस बात को कई बार नजरअंदाज किया जा चुका है. यह कहते हुए मुझे बहुत दुख हो रहा है.

क्या है मांग
पांच दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय अब्दुल्ला से जब जम्मू-कश्मीर में उभरते युवा नेताओं को सलाह देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं अपने लोगों और आज के नेताओं से कहना चाहूंगा कि वे जो करना चाहते हैं, ईमानदारी से करें और स्पष्टता रखें. जनता को धोखा न दें. जितना हम समझते हैं, जनता उससे कहीं अधिक समझदार होती है.

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