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वृंदावन में आज जगद्गुरु मलूकदास की 452वीं जयंती: CM योगी और मोहन भागवत का विशेष दौरा, जानें टाइमिंग और तैयारियां

वृंदावन: जगद्गुरु मलूकदास की जयंती के अवसर पर आज वृंदावन में धार्मिक उत्साह का माहौल है. आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मलूकपीठ में चल रहे जयंती समारोह में शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंच रहे हैं.

दोनों प्रमुख हस्तियां जगद्गुरु मलूकदास को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी और विभिन्न संतों व धार्मिक नेताओं से मुलाकात भी करेंगी. हालांकि उनके आगमन का समय अलग-अलग होने के कारण आपस में मिलने का कोई औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं किया गया है. स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है.

RSS प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम

जगद्गुरु मलूकदास जयंती समारोह में भाग लेने के लिए आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत मंगलवार सुबह 10:00 बजे सड़क मार्ग से वृंदावन पहुंचेंगे. सुबह 10:30 बजे वे मलूकपीठ पहुंचकर अनुष्ठान करेंगे और जगद्गुरु की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. मंदिर के दर्शन करने के बाद वे पानीघाट स्थित पहाड़ी बाबा गौशाला जाएंगे, जहां चल रहे जयंती समारोह में शामिल होंगे और वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे. दोपहर 1:00 बजे वे मथुरा के महाविद्य कॉलोनी स्थित सरस्वती कुंड के केशव भवन पहुंचेंगे और कुछ देर विश्राम करेंगे. शाम 5:00 बजे वे मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से ट्रेन द्वारा नागपुर के लिए रवाना होंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 2:30 बजे वृंदावन पहुंचेंगे. उनके लगभग शाम 4:00 बजे तक मलूकपीठ में रहने की उम्मीद है. वे जगद्गुरु मलूकदास की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. मुख्यमंत्री का मलूकपीठ जाने का कार्यक्रम शाम 4:00 बजे निर्धारित है, जिसके तुरंत बाद वे पवन हंस हेलीपैड से आगरा के लिए प्रस्थान करेंगे.

जिला प्रशासन की तैयारियां

जिला प्रशासन ने आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर वृंदावन में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं. परिक्रमा मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. दीवारों की रंगाई-पुताई और आवश्यक मरम्मत का काम भी किया गया है. पहाड़ी बाबा आश्रम वाले पूरे क्षेत्र की गहन सफाई और सौंदर्यीकरण किया गया है. शुरुआत में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मलूकपीठ के अलावा रंगजी मंदिर, कात्यायनी मंदिर और गोविंद देव मंदिर के दर्शन भी शामिल थे, लेकिन अब इन सभी अतिरिक्त कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है.

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