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WhatsApp Username पर सख्त सरकार, मेटा को 9 जुलाई तक जवाब देने की दी मोहलत

ई दिल्ली: WhatsApp का नया यूजरनेम फीचर अब भारत सरकार और Meta के बीच खींचतान का कारण बन गया है. इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना मोबाइल नंबर शेयर किए भी चैट कर सकेंगे. Meta इसे प्राइवेसी का कदम बता रहा है, लेकिन सरकार को इससे साइबर फ्रॉड और पहचान छिपाकर ठगी का डर है.

इस वजह से सरकार ने Meta से पूरा ब्योरा मांगा है और अब जवाब देने की आखिरी तारीख 9 जुलाई तय की गई है.

क्या है नया यूजरनेम फीचर

Meta ने हाल ही में ऐलान किया कि WhatsApp पर अब यूजर्स यूजरनेम बना सकेंगे. इसका मतलब है कि अगर आपके पास किसी का यूजरनेम है तो आप बिना उसका फोन नंबर जाने भी उससे बात शुरू कर सकते हैं. कंपनी का तर्क है कि इससे लोगों की प्राइवेसी बेहतर होगी. इसके साथ ही अकाउंट बनाने के लिए नंबर देना अब भी जरूरी रहेगा, लेकिन चैट के लिए नंबर शेयर करना जरूरी नहीं होगा. Meta ने कहा है कि उसने फर्जी अकाउंट और स्कैम रोकने के लिए कई सुरक्षा लेयर जोड़ी हैं और इस बारे में FAQ भी जारी किया है.

फ्रॉड और फर्जी पहचान का खतरा

बता दें, सरकार इस फीचर को लेकर सतर्क हो गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय का मानना है कि पहचान छिपाकर संपर्क करना आसान होने से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और किसी की फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी बढ़ सकती है. इसी कारण पिछले हफ्ते MeitY ने Meta को नोटिस भेजकर फीचर का रोलआउट रोकने और पूरी जानकारी देने को कहा था. पहले 3 दिन में जवाब मांगा गया था, लेकिन अब समय बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया गया है. HT की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी सूत्रों ने कुछ दिन का एक्स्टेंशन देने की पुष्टि की है. जानकारी के अनुसार, MeitY और Meta के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हो चुकी है, जिसमें कंपनी ने अपने सुरक्षा उपाय बताए थे.

टेलीग्राम का दिया गया उदाहरण

सरकारी अधिकारी टेलीग्राम का उदाहरण दे रहे हैं. उनका कहना है कि वहां यूजरनेम और पहचान छिपाने वाले फीचर्स का इस्तेमाल कई साइबर अपराधों में हुआ है. इसलिए WhatsApp पर भी ऐसी आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दरअसल, भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है. यहां 80 करोड़ से ज्यादा लोग ऐप इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में भारत में जो शर्तें तय होंगी उनका असर Meta के ग्लोबल लॉन्च पर भी पड़ सकता है.

सरकार चाहती है कि फीचर शुरू होने से पहले यह साफ हो कि इससे फर्जी पहचान बनाना आसान नहीं होगा. अब सबकी नजर 9 जुलाई पर है, जिस दिन Meta अपना विस्तृत लिखित जवाब देगा. उसके बाद ही सरकार तय करेगी कि यूजरनेम फीचर भारत में किन नियमों के साथ शुरू होगा.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Janbhawana Times