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कुशीनगर : किडनैप युवक ने खुद रची थी अपहरण की कहानी, 15 दिन बाद पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

मोहन को धारा-192, 420, 406, 386 के तहत मामला पंजीकृत कर जेल भेजा जा रहा हैं।

कुशीनगर के पटहेरवा थाना क्षेत्र के रकवा राजा के रहने वाला मोहन कुशवाहा का 15 दिन पहले अपहरण हो गया था। परिजनों से 10 लाख की फिरौती मांगी गई थी। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के 15 दिन बाद बाद पुलिस ने खुलासा किया कि मोहन ने कर्ज से परेशान होकर खुद ही अपने अपहरण की कहानी रची थी। अब पुलिस ने खुलासा करते हुए युवक को शनिवार को जेल भेज दिया है।

हस्तलिखित पर्ची के जरिये थी 10 लाख के फिरौती की मांग

जानकारी के अनुसार मोहन कुशवाहा तीन सितंबर को तमकुहीराज अपने रिश्तेदार हरेंद्र की दुकान पर चुपके से अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर उसकी चाभी और एक पर्ची रख गायब हो गया। चाभी के साथ रखी पर्ची में अपहरण की सूचना के साथ 10 लाख रुपये अपहृत मोहन के ही खाते में डलवाने की बात लिखी गयी थी। साथ में धमकी लिखी थी कि अगर रुपया नही डलवाया गया तो अपहृत मोहन की सोमवार तक लाश मिलने की बात कही गयी थी। साथ ही पैसे डलवाने के बाद निकलवाते ही मोहन को छोड़ने की शर्त थी। इसकी तहरीर मोहन की पत्नी ने पुलिस ने देकर पति की बरामदगी की गुहार लगाई। सबसे खास बात मोहन ने यह पर्ची खुद अपनी हैंडराईटिंग में लिखी थी।

मोबाइल बंद कर बस्ती में जाकर रह रहा था मोहन

पुलिस के अनुसार मामला संदिग्ध देख पटहेरवा थाने में गुमशुदगी दर्ज करते हुए छानबीन शुरू की तो पता चला की मोहन के ऊपर उसके रिश्तेदारों और परिचितों का लगभग 6 से 7 लाख का कर्ज है। साथ ही मोटरसाइकिल रिश्तेदार के यहां खड़ी कर उसकी चाबी और फिरौती के मांग पत्र को दुकान की रैक में रखने से मामला समझ आ गया था। जिसके बाद पुलिस टीम लगातार छानबीन कर रही थी। शनिवार को मुखबिर की सूचना और सर्विसलांस टीम की मदद से अपहृत मोहन की सकुशल बरामदगी कर ली गई। पुलिसिया पूछताछ में मोहन टूट गया। फिर उसने अपनी झूठी अपहरण की कहानी बताई कि उसे लोगों से लिए कर्जे ना देना पड़े इसलिए उसने ये काम किया। साथ ही वह मोबाईल स्विचऑफ कर बस्ती में रह रहा था। जब पैसे ख़त्म हो गए तो वह दोस्त से पैसे लेने आया था।

पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने बताया की मोहन किसी काम से घर से गए हुए थे और वापस नहीं आए तो उनके घर वालों ने पहले गुमशुदगी दर्ज कराई। फिर अगले दिन उनकी मोटरसाइकिल उनके रिश्तेदार के घर से मिली। साथ ही एक पर्ची मिली जिसमे फिरौती की मांग की गई थी। जिसको देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कर एसओजी टीम, स्वाट टीम, व थानाप्रभारी के नेतृत्व में अलग-अलग तीन टीमें बनाई गई। जांच के दौरान धीरे-धीरे साफ हो गया था कि मामला खुद के अपहरण का केस है। शनिवार को मोहन को सकुशल बरामद कर लिया गया उसे धारा-192, 420, 406, 386 के तहत मामला पंजीकृत कर जेल भेजा जा रहा हैं।

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