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स्वामी का अश्लील रूटीन: 'सुबह करवाता मालिश और दोपहर में करता सब कुछ'

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष स्वामी चिन्मयानन्द से जुड़े शाहजहांपुर रेपकांड व पीड़ित विधि छात्रा पर ब्लैकमेलिंग के आरोप की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को सीलबंद लिफाफे में प्रगति रिपोर्ट के साथ केस डायरी पेश की। उधर, रेप पीड़ित युवती ने ब्लैकमेलिंग केस में गिरफ्तारी पर रोक लगाने व कोर्ट में दर्ज बयान को गलत बताते हुए फिर से बयान दर्ज कराने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की।

इस बीच बतात चले पीड़िता ने उसके साथ हुई दर्दभरी दास्तान भी बताई। पीड़ित छात्रा ने कहा कि कैसे उसका शोषण किया जाता था और चिन्मयानंद उसपर जबरन संबंध बनाने का दबाव डालता था। छात्रा ने बताया कि सुबह 6 बजे उसे मालिश के बुलाया जाता था और दोपहर को सेक्स करने के लिए। उसने बताया कि वो कैसे चिन्मयानंद के हाथों यौन शोषण से बचने के लिए बहाने बनाती थी। लेकिन कई बार वो इसमें असफल हो जाती थी।

पीड़िता ने सुनाई आपबीती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वो 2.30 बजने पर कैसे घबरा जाती थी। ये उसके हॉस्टल के कमरे में चिन्मयानंद के सुरक्षा गार्डों के आने का समय था। वो उसे यहां से चिन्मयानंद के प्राइवेट रुम में ले जाने के लिए आते थे। वो हर बार उससे बचने के लिए बहाना बनाती थी। वो उससे कई बार मासिक होने या पेशाब के रास्ते में इन्फेशन(यूरिनरी ट्रैक इन्फेक्शन) का बहाना बनाती थी, ताकि बच सके। लेकिन उसकी कोशिश बेकार जाती। चिन्मयानंद उससे जबरदस्ती उसके कपड़े उतारने के लिए को कहता और उग्र तरीके से सेक्स करता। अगर वो विरोध करती तो वो मारपीट करता।

'6 बजे कराई जाती मालिश'

मीडिया के बातचीत में पीड़िता ने बताया कि सुबह 6 बजे चिन्मयानंद उसे मसाज कराने लिए बुलाता था। वो उससे नग्न अवस्था में तेल मालिश करवाता था। इसके बाद वो 2.30 बजे उसके साथ सेक्स करता था। 22 साल की पीड़िता ने बताया कि उसके साथ कई बार चिन्मयानंद ने किया। चिन्मयानंद जब भी आश्रम में होता मैं पागल हो जाती। मेरा दिल घबराने लगता। उसके बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी मेरे हॉस्टल आते और मुझे जबरन उठाकर वहां से ले जाकर सीधे चिन्मयानंद के कमरे में पटक देते। इसके बाद मेरे साथ मेरे साथ भयानक चीजें शुरू हो जाती।

पीड़ित युवती व परिवार को पुलिस सुरक्षा

पीड़ित युवती व परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गयी है। पीड़ित युवती की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरण जैन व चिन्मयानन्द की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार ने पक्ष रखा। एसआईटी स्वामी चिन्मयानन्द के खिलाफ एलएलएम छात्रा से दुराचार व पीड़ित युवती व साथियों पर ब्लैकमेलिंग के आरोपो की जांच कर रही है। कोर्ट ने जांच यथाशीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है। पीड़ित युवती के अधिवक्ता जैन का कहना था कि कोर्ट में पीड़ित युवती का बयान दर्ज करते समय रिकार्डिंग नहीं की गयी। उसके बयान में बदलाव किया गया है। हर पृष्ठ पर हस्ताक्षर नहीं लिये गए। पेज क्रमवार नहीं है। बयान दर्ज करते समय एक महिला मौजूद थी।

कोर्ट ने इन तर्कों पर कहा कि ऐसा कोई कानून नही है, जिससे हर पेज पर साइन कराया जाए। फिलहाल इस मुद्दे पर कोर्ट ने अपना कोई मत व्यक्त नहीं किया और कहा कि इस पर सम्बन्धित न्यायालय विचार करेगा। कोर्ट ने केस डायरी वापस करते हुए अगली तिथि को पुनः पेश करने को कहा है। प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी।

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