730 करोड़ से तैयार 56 किमी विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल लाइन का लोकार्पण, चार ट्रेनों का नेपालगंज रोड तक विस्तार
आनंद गुप्ता/अनवार खाँ मोनू
बहराइच, 31 अगस्त। दशकों से देखे जा रहे सपने ने सोमवार को हकीकत का रूप ले लिया।
बहराइच से नानपारा होते हुए नेपालगंज रोड तक 56 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल लाइन का लोकार्पण होते ही भारत-नेपाल सीमा पर रेल कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू हो गया। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रेलखंड के साथ चार ट्रेनों का नेपालगंज रोड तक विस्तार भी शुरू किया गया। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के लाखों लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ व्यापार, पर्यटन और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर मुख्यमंत्री के साथ रिमोट का बटन दबाया और रेलखंड का लोकार्पण किया। इसके बाद ट्रेन को भी रवाना किया गया।
नेपाल की त्रासदी पर दो मिनट का मौन
कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में आई बाढ़ में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर हुई। मुख्यमंत्री ने नेपाल की त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत अपने मित्र राष्ट्र नेपाल के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत सदियों पुरानी है। पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ और जनकपुर से अयोध्या तक दोनों देशों की आस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
मीटरगेज से ब्रॉडगेज तक का लंबा इंतजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच और आसपास के क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी लंबे समय तक सीमित रही। यहां मीटरगेज लाइन होने के कारण क्षेत्र को देश के बड़े शहरों और नेपाल से अपेक्षित रेल संपर्क नहीं मिल सका। अब ब्रॉडगेज और विद्युतीकृत रेल लाइन शुरू होने से इस स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र को विकास से दूर रखने की सोच अब बदल चुकी है। रूपईडीहा को देश का प्रवेश द्वार बताते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से भारत-नेपाल व्यापार और आवागमन को मजबूती मिलेगी।
चार ट्रेनों से बढ़ेगी रफ्तार
रेलखंड के लोकार्पण के साथ चार ट्रेनों का नेपालगंज रोड तक विस्तार किया गया है। इनमें वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस तथा गोंडा-बहराइच के बीच चलने वाली दो डेमू ट्रेनें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी की ट्रेन सेवा से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बाबा विश्वनाथ की नगरी तक सीधा रेल संपर्क मिलेगा। अयोध्या, गोरखपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों से जुड़ाव से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
कतर्नियाघाट को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच में कतर्नियाघाट सहित पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, छोटे कारोबार तथा अन्य रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि रेल संपर्क मजबूत होने से कृषि उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी होगी। इससे किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
खलीलाबाद तक नई रेल लाइन का काम जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बहराइच से खलीलाबाद तक नई रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा गोरखपुर से बलरामपुर होते हुए बहराइच और नेपालगंज तक नई रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब कनेक्टिविटी बढ़ती है तो बाजार का विस्तार होता है और बाजार बढ़ने से रोजगार व विकास के अवसर बढ़ते हैं। नई रेल कनेक्टिविटी क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल, बहराइच सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड, एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, नानपारा विधायक राम निवास वर्मा, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, बलहा विधायक सरोज सोनकर तथा पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड मौजूद रहे।
देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, डीआईजी अशोक कुमार, पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, डीआरएम गौरव अग्रवाल, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

