रिपोर्ट : विजय तिवारी
कोटा रेल मंडल में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) की दो बोगियों में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना रतलाम के पास लूनी और आलोट रेलवे स्टेशन के बीच हुई, जहां ट्रेन के थर्ड एसी (B-1) और एसएलआर कोच में आग भड़क उठी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले बी-1 कोच से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पास के एसएलआर कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते दोनों कोच धू-धू कर जलने लगे।
घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत रोका और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
हादसे की सूचना मिलते ही कोटा रेलवे मंडल में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया। मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड, आरपीएफ और दुर्घटना राहत दल को तत्काल मौके पर भेजा गया। आग पर काबू पाने के बाद प्रभावित बी-1 और एसएलआर कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया, ताकि अन्य डिब्बों को सुरक्षित रखा जा सके और ट्रेन संचालन बहाल किया जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कोचों से उठती आग की ऊंची लपटें और काला धुआं काफी दूर तक दिखाई दे रहा था। घटना के बाद रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित रहा।
कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM) सौरभ जैन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की सभी आपातकालीन टीमें सक्रिय कर दी गई थीं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया।
रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

